
छठ घाट पर पूर्व मंत्री शैलेंद्र पांडे की सीधी कमान, व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग से श्रद्धालुओं में भरोसा दोगुना
रामपुर राजा छठ घाट पर रातभर निगरानी में जुटे शैलेंद्र पांडे, कहा— सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
पूर्व मंत्री शैलेंद्र पांडे खुद उतरे छठ घाट पर, जमीनी मॉनिटरिंग से व्यवस्थाएँ हुई मजबूत
व्यवस्थाओं की ग्राउंड कमान पूर्व मंत्री के हाथ, छठ घाट पर प्रशासन और समाजसेवी टीम की संयुक्त मोर्चाबंदी
रामपुर राजा घाट पर
पूर्व मंत्री की सक्रियता चर्चा में, छठ व्रतियों ने जताया भरोसा और आभार
पूर्व मंत्री शैलेंद्र पांडे ने रामपुर राजा छठ घाट की व्यवस्थाओं की कमान संभाली, रातभर निगरानी और निर्देश से श्रद्धालुओं में बढ़ा विश्वास।
कुशीनगर/तमकुहीराज। अमित कुशवाहा की खास रिपोर्ट।
छठ महापर्व पर आस्था और अनुशासन की अनोखी मिसाल उस समय दिखी, जब भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री शैलेंद्र पांडे रविवार की देर शाम रामपुर राजा छठ घाट पर अचानक पहुंच गए। बिना किसी औपचारिकता के उन्होंने सीधी कमान संभाली और घाट की हर व्यवस्था का ज़मीन पर खड़े होकर निरीक्षण किया।
पूर्व मंत्री ने प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, घाट किनारे सुरक्षा, महिलाओं के लिए विशेष सेफ्टी ज़ोन, सफाई, मेडिकल सहायता, गोताखोरों की तैनाती और भीड़ प्रबंधन तक हर बिंदु पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि “छठ व्रतियों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है — किसी भी श्रद्धालु को परेशानी हुई, तो यह हमारी सामूहिक असफलता होगी।”
वे समाजसेवी भूमिका में सिर्फ निर्देश देते नहीं दिखे, बल्कि स्वयंसेवकों के साथ बीच घाट पर उतरकर साफ-सफाई, व्यवस्था और रोशनी की कमी वाले हिस्सों को तुरंत दुरुस्त कराने में जुट गए। उनकी अगुवाई में घाट पर मौजूद खुदसेवी दल और कार्यकर्ताओं में अलग ही ऊर्जा देखी गई।
इस दौरान अमोद पांडे, आकाश तिवारी, बजेंद्र पांडे, जयप्रकाश कुशवाहा समेत कई स्थानीय समाजसेवी, कार्यकर्ता और युवा टीम लगातार उनके साथ व्यवस्थाओं में लगे रहे। श्रद्धालुओं ने भी कहा कि जब नेता स्वयं जमीन पर उतरकर काम करे, तो भरोसा और सुरक्षा दोनों दोगुनी हो जाती है।
छठ घाट पर सुरक्षा जवानों की तैनाती, स्वयंसेवकों की ड्यूटी, हेल्प डेस्क, बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित कॉरिडोर तथा रोशन घाट — इन सबने माहौल को और अधिक व्यवस्थित, भव्य और आस्था के अनुरूप बना दिया है। पूर्व मंत्री की मॉनिटरिंग के बाद व्यवस्था में स्पष्ट सुधार दिखाई दिया, जिसके चलते श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और भरोसे की चमक साफ देखी जा सकती है।
रामपुर राजा घाट अब छठ महापर्व के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रशासनिक-जनसहभागिता की यह साझी ताकत एक मिसाल बन रही है।




