
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर जनपद के दुदही थाना क्षेत्र अंतर्गत तिलक पट्टी चौराहे पर शनिवार को एक ऐसा मंजर सामने आया, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। फर्नीचर दुकान पर काम कर रहे एक दुकानदार को 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन का करंट लग गया। तेज धमाके और चीख-पुकार के बीच दुकानदार जमीन पर गिर पड़ा। कुछ पल के लिए पूरा चौराहा सहम गया—लोगों की सांसें थम गईं।
पीड़ित की पहचान टुनटुन कुशवाहा पुत्र स्व. रामवृक्ष कुशवाहा, निवासी मठिया माफी टोला पदुकाहा, दुदही के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट लगते ही टुनटुन अर्ध-मृत अवस्था में वहीं गिर पड़े। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। दुकान के आसपास खड़े लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बलराम कुशवाहा ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल विद्युत विभाग के जेई से संपर्क कर बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसी सूझबूझ ने एक और बड़ी अनहोनी को टाल दिया। इसके बाद मानवता की मिसाल पेश करते हुए चन्द्र भूषण कुशवाहा ने घायल को अपनी मोटरसाइकिल से सीएचसी दुदही पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। ग्राम प्रधान विजय सिंह ने अपनी निजी गाड़ी से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाकर सराहनीय भूमिका निभाई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के बाद बार-बार एम्बुलेंस को कॉल किया गया, लेकिन किसी स्तर से कोई सहायता नहीं मिली। मजबूरी में ग्रामीणों को निजी साधनों से घायल को ढोना पड़ा। इस लापरवाही ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में आक्रोश है—लोग पूछ रहे हैं कि आपात स्थिति में जब एम्बुलेंस ही न पहुंचे, तो आम नागरिक किस पर भरोसा करे?
फिलहाल टुनटुन कुशवाहा का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर उंगली उठ रही है। हाई टेंशन लाइन की असुरक्षित स्थिति, नियमित निरीक्षण का अभाव और आपदा प्रबंधन की विफलता—ये सभी बिंदु प्रशासन के सामने एक कठोर प्रश्न बनकर खड़े हैं।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, हाई टेंशन लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और एम्बुलेंस सेवा की जवाबदेही तय हो। यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की पीड़ा नहीं, बल्कि सिस्टम की असफलता का आईना है।

