
✍️ Village Fast Times — स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट
तारीख: 27 दिसंबर 2025, कुशीनगर
तमकुहीराज तहसील— यू.पी. विधान सभा 331 क्षेत्र में भ्रष्टाचार की धुंध अब इतनी गहरी हो चुकी है कि सच्चाई का सूरज भी धुंधला पड़ गया है। आवाजें उठ रही हैं, आक्रोश उमड़ रहा है और जनता अब सवाल पूछने पर आमादा है— आखिर यह “प्रशासनिक पवित्रता” की कसौटी कब साफ होगी?
तहसील परिसर में चल रहे दलालतंत्र, फाइलों की रफ्तार खरीदने-बेचने की बोली, और आय से अधिक संपत्तियों का खेल—
यह सब अब सिर्फ़ कानाफूसी नहीं, बल्कि जनता के कड़वे अनुभवों की जीवंत गवाही बन चुका है।
किसानों की जमीन, पट्टों का नवीनीकरण, नामांतरण, आवंटन, क्रियान्वयन—
हर मोर्चे पर “सुविधा शुल्क” की चुप्पी, और “ड्यूटी” के नाम पर जेबें गर्म करने का चलन अब खुला राज है।
कई विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर ‘लिपापोती’ के आरोप सीधे जनता की अदालत से उठे हैं— जहां फैसले जनता ने सुना दिए हैं, बस कागज़ पर लिखना बाकी है।
⚡ *“आय से अधिक संपत्तियों” की मांग — जांच की आंधी उठने वाली!
Village Fast Times का दावा — “छिपाओगे तो खोज निकालेंगे”*
Village Fast Times कुशीनगर ने आय से अधिक संपत्तियों की जांच की मांग को सार्वजनिक स्वरूप दे दिया है।
पत्रकारिता का धर्म— सच को उघाड़ना, झूठ को नंगा करना — अब पूरी ताकत से निभाया जाएगा।
अधिकारी-कर्मचारी सावधान!
फाइलों की तहों में छिपी रपटें, हवाला स्टाइल की इनकम, बेनामी जमीनें, रिश्तेदारों के नाम पर चल रही प्रॉपर्टी—
सबकी परतें एक-एक कर खंगाली जाएंगी।
और अगर कहीं “काली कमाई” का कंकाल दफ़न है— तो इस बार उससे धूल नहीं, धमाका होगा।
🚨 जनता की आवाज — अब जांच, कार्रवाई और जवाबदेही की मांग
स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और जागरूक संगठनों ने
“श्वेतपत्र–2025” तैयार कर जांच एजेंसियों से मांग की है कि—
तमकुहीराज तहसील को ‘भ्रष्टाचार मुक्त मॉडल ज़ोन’ बनाए बिना राहत नहीं।
🔥 अंतिम चेतावनी…?
“यह लड़ाई केवल खबर नहीं — एक प्रण है।
सच लिखेंगे, सच दिखाएंगे, और सच बाहर लाकर रहेंगे।”
Village Fast Times कुशीनगर जल्द ही पहले चरण की जांच रिपोर्ट प्रकाशित करेगा—
फिर कोई बचने वाला नहीं, बस पकड़ने वालों की कतार लंबी होगी…
👉 अगली रिपोर्ट: “अधिकारियों की संपत्ति, किसकी जेब में कितनी जमीन?”
जुड़े रहें — सच सामने आएगा।
