

विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
हाटा | कुशीनगर |
हाटा कोतवाली क्षेत्र के बाघनाथ चौराहे स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में रविवार की सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान 45 वर्षीय मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों का कहना है कि मरीज को सामान्य ऑपरेशन के लिए लाया गया था, लेकिन ऑपरेशन थिएटर के अंदर क्या हुआ—इसकी पारदर्शी जानकारी उन्हें कभी नहीं दी गई। अचानक मौत की सूचना मिलने के बाद गुस्साए परिजन अस्पताल में जमा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। तनाव बढ़ता देख अस्पताल संचालक समेत पूरा स्टाफ अस्पताल का मुख्य गेट बाहर से बंद कर फरार हो गया। अस्पताल में ताला लटकते ही लोगों की भीड़ और बढ़ गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि कृष्णा हॉस्पिटल बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहा था। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और स्थानीय प्रशासन की सुस्ती पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे ऐसे अस्पताल मौत का घर बनते जा रहे हैं और प्रशासन मौन साधे बैठा है।
सूचना मिलते ही हाटा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। पुलिस ने अस्पताल का निरीक्षण किया और बंद पड़े कमरों सहित ऑपरेशन थिएटर की भी जांच की। फिलहाल अस्पताल संचालक और स्टाफ की तलाश जारी है। वहीं मृतक के परिजनों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे हॉस्पिटलों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद आज एक परिवार अपने सदस्य को न खोता। पूरे क्षेत्र में इस घटना की व्यापक चर्चा है और लोग स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा हो पाएगा। लेकिन एक बात साफ है—यह घटना लापरवाही से हुई मौत की दर्दनाक तस्वीर पेश करती है।

