
कुशीनगर जनपद के नगर पंचायत दुदही में रविवार को प्रशासन ने ऐसा सख्त एक्शन लिया कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। वार्ड संख्या 10 स्थित सीलिंग की सुरक्षित भूमि पर धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण पर आखिरकार “बाबा का बुलडोजर” गरज उठा। उपजिलाधिकारी तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में संदेश दे दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना ही रसूखदार क्यों न हो।
सूचना मिलते ही एसडीएम आकांक्षा मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत, विशुनपुरा थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और बिना किसी दबाव में आए निर्माणाधीन भवन को बुलडोजर से ध्वस्त करवा दिया। यह वही भूमि है, जिस पर विभिन्न न्यायालयों में वाद लंबित हैं और जिस पर स्पष्ट रूप से निर्माण पर स्थगन आदेश लागू है। इसके बावजूद नियम-कानून को ताक पर रखकर निर्माण कराया जा रहा था, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे थे।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम ने मौके पर मौजूद ईओ और संबंधित लेखपाल को कड़ी फटकार लगाई और साफ चेतावनी दी कि यदि भविष्य में सीलिंग भूमि या सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई तय है। उनका यह सख्त रुख देख मौके पर मौजूद लोगों में खामोशी छा गई।
हालांकि, इस पूरे एक्शन के दौरान केवल एक ही निर्माण को ध्वस्त किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि क्या बाकी अवैध निर्माणों पर भी यही कार्रवाई होगी या फिर यह कार्रवाई चयनित लोगों तक ही सीमित रह जाएगी। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में निष्पक्ष है तो सभी अवैध कब्जों पर समान रूप से बुलडोजर चलना चाहिए।
फिलहाल, इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध कब्जा करने वालों में जबरदस्त दहशत का माहौल है। दुदही में यह कार्रवाई प्रशासन के लिए “लिटमस टेस्ट” मानी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी या फिर यह एक दिन का दिखावटी एक्शन बनकर रह जाएगा। प्रशासन के इस कदम ने साफ कर दिया है—कानून तोड़ोगे, तो बुलडोजर तय है।
