

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से अमित कुमार कुशवाहा की खास रिपोर्ट
कुशीनगर।23 दिसम्बर को तरया रेलवे स्टेशन उस समय जनआकांक्षाओं का केंद्र बन गया, जब पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम श्री आशीष जैन ने स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तरया सुजान क्षेत्र के जागरूक नौजवान साथियों ने संगठित होकर अपनी वर्षों से लंबित मांगों को मजबूती और मर्यादा के साथ प्रशासन के समक्ष रखा। यह संवाद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आम यात्रियों की पीड़ा और अपेक्षाओं की सशक्त अभिव्यक्ति बनकर सामने आया।
युवाओं के प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम को लिखित मांग पत्र सौंपते हुए स्टेशन की बदहाल सुविधाओं की ओर गंभीर ध्यान आकृष्ट कराया। प्रमुख मांगों में स्टेशन पर शौचालय की समुचित व्यवस्था, यात्रियों के लिए यात्री शेड का निर्माण, शुद्ध पेयजल की निर्बाध उपलब्धता, लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की सुविधा, तथा रेलवे टिकट आरक्षण केंद्र की स्थापना शामिल रही। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तरया रेलवे स्टेशन आसपास के दर्जनों गांवों की जीवनरेखा है, इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव यात्रियों के लिए रोज़ाना की परेशानी बना हुआ है।
वार्ता के दौरान डीआरएम श्री आशीष जैन ने मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण एवं प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि यात्री सुविधाओं में सुधार रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है और चरणबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
इस अवसर पर इंजीनियर वसीम अहमद, पूर्व छात्र नेता बैजनाथ कुमार ‘बैजू’, प्रताप राय, अमित तिवारी, विश्वजीत, केडी बाबू, रजनीश राय, दिनेश मद्धेशिया, जितेंद्र बारी, अमन राय, फिरोज अंसारी, अंकित चौरसिया, मुन्ना गुप्ता, बिट्टू पांडे, सद्दाम अंसारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और युवा उपस्थित रहे। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि तरया की जनता अब अपने अधिकारों को लेकर संगठित और सजग है।
कुल मिलाकर, यह निरीक्षण और संवाद तरया रेलवे स्टेशन के विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है। अब निगाहें प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी हैं कि कब तक ये मांगें धरातल पर उतरकर यात्रियों को राहत प्रदान करती हैं।




