

विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
कुशीनगर पड़रौना। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित बर्बर, अमानवीय और हिंसक अत्याचारों के खिलाफ बुधवार को पड़रौना में हिंदू समाज का गुस्सा सड़कों पर खुलकर नजर आया। विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के तत्वाधान में जूनियर हाईस्कूल, कोतवाली के सामने आयोजित जिला स्तरीय आक्रोश प्रदर्शन एवं पुतला दहन कार्यक्रम ने पूरे नगर को झकझोर कर रख दिया। हाथों में तख्तियां, आंखों में आक्रोश और जुबान पर तीखे नारे—यह दृश्य साफ संदेश दे रहा था कि अब हिंदू समाज चुप बैठने के मूड में नहीं है।
इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में हिंदू जनमानस, माताएं-बहनें, युवा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और सनातन प्रेमी शामिल हुए। “हिंदू एकता जिंदाबाद”, “अत्याचार नहीं सहेंगे” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। पुतला दहन के दौरान आक्रोश अपने चरम पर दिखा, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में विहिप जिलाध्यक्ष श्री मुकेश त्रिपाठी, जिला मंत्री श्री सुरेंद्र सिंह, जिला सह मंत्री श्री संजय शाही, नगर अध्यक्ष श्री चंदन जैसवाल, नगर उपाध्यक्ष श्री प्रिंस तिवारी, नगर मंत्री श्री विशाल जैसवाल सहित संगठन के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बजरंग दल की ओर से जिला सह संयोजक श्री रवि सिंह और नगर संयोजक श्री अभिजीत सनातनी ने मंच से तीखे शब्दों में बांग्लादेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया। आरएसएस के श्री रामाश्रय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री मनीष जैसवाल सहित कई हिंदू नेताओं और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी हुंकार भरी।
वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहा व्यवहार न केवल धार्मिक उत्पीड़न है, बल्कि मानवाधिकारों की खुली अवहेलना भी है। भारत सरकार से मांग की गई कि वह कूटनीतिक औपचारिकताओं से आगे बढ़कर ठोस और सख्त कदम उठाए। मंच से दो टूक चेतावनी दी गई—हिंदुओं के अपमान और उत्पीड़न को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह आक्रोश प्रदर्शन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की जागरूकता, संगठन और शक्ति का ऐलान था। पड़रौना का यह उबाल आने वाले समय में बड़े आंदोलन की आहट माना जा रहा है।













