
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
दिनांक — 25 दिसम्बर 2025
रिपोर्ट — विशेष संवाददाता
सांसद खेल महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ
कुशीनगर — भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर, जिला खेल कार्यालय, स्पोर्ट्स स्टेडियम कुशीनगर में सांसद खेल महोत्सव 2025 का ऐसा भव्य आयोजन हुआ जिसने खेल भावना, राष्ट्रभक्ति और अटल विचारधारा को एक ही मंच पर जीवंत कर दिया। मौसम की सर्दी के बावजूद खिलाड़ियों की उमंग और दर्शकों का उत्साह मानो अटल जी की वाणी से निकली ऊर्जा की तरह मैदान में धड़कता दिखाई दिया।
स्टेडियम परिसर में प्रातः 11 बजे से माननीय प्रधानमंत्री जी के लाइव प्रसारण की व्यवस्था ने माहौल को उत्साह से भर दिया। प्रधानमंत्री जी के संबोधन के हर वाक्य पर तालियों की गूंज और जयघोष ने इस आयोजन को असाधारण बना दिया। युवाओं के चेहरों पर जो चमक थी, वह बताती थी कि यह महोत्सव सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं — भविष्य के सपनों का उद्घोष है।
अटल जी की स्मृति — भावनाओं की गरिमा, खेलों की प्रेरणा
अटल जी की जयंती पर खेल आयोजन होना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि उनकी अमर विरासत का अनुभव था।
माननीय सांसद विजय कुमार दूबे ने अटल जी के जीवन पर भावपूर्ण और प्रेरक शब्दों में कहा—
“अटल जी की आवाज़ आज भी हमारे दिलों में गूंजती है। वे कहते थे—‘हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा।’ आज मैदान में हर खिलाड़ी उसी अदम्य जज्बे का प्रतीक है। अटल जी ने देश को शिखर तक पहुंचाने का सपना देखा था, और आज खेलों के माध्यम से हम उस सपने को आगे ले जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। कुशीनगर की धरती पर आज जो ऊर्जा है, वह बताती है — यह सिर्फ खेल नहीं, अटल संकल्पों की उड़ान है।”
दर्शक दीर्घा तालियों से थर्रा उठी — मानो हर दिल ने उस क्षण अटल आत्मबल को अपने भीतर महसूस किया हो।
मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति — आयोजन को मिला अटल असर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय कुमार दूबे, सांसद कुशीनगर, विशिष्ट अतिथि दुर्गेश राय, जिलाध्यक्ष भाजपा, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार सहित अनेक सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने भारत रत्न अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद खिलाड़ियों से परिचय कराते हुए सांसद खेल महोत्सव 2025 की प्रतियोगिताओं का औपचारिक उद्घाटन बड़े ही सम्मानजनक व प्रेरणादायक माहौल में किया गया।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर — खिलाड़ियों में जोश भरने वाला उत्साहपूर्ण संबोधन
खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा—
“अटल जी ने हमेशा कहा—‘देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है।’ आज यहां उपस्थित प्रत्येक खिलाड़ी उस भविष्य का आधार है। कुशीनगर की मिट्टी प्रतिभाओं से समृद्ध है और प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि एक-एक खिलाड़ी की प्रतिभा निखरे। आपकी जीत सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं — यह कुशीनगर को खेल मानचित्र पर अंकित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
उनके शब्दों ने खिलाड़ियों में जोश, अनुशासन और आत्मविश्वास की लहर दौड़ा दी।
फुटबॉल—जितने गोल, उससे ज्यादा जोश
5 विधानसभाओं से आई टीमों ने रोमांचक मुकाबले खेले — पड़रौना की दबंगई और रामकोला की बालिकाओं की चमक रही खास आकर्षण।
वर्ग
मुकाबला
परिणाम
सब-जूनियर बालक
हाटा बनाम पड़रौना
पड़रौना 4-0 से विजयी
जूनियर बालक
पड़रौना बनाम खड्डा
पड़रौना 4-0 से विजयी
सीनियर बालक
पड़रौना बनाम खड्डा
पड़रौना 3-0 से विजयी
सब-जूनियर बालिका
रामकोला बनाम पड़रौना
रामकोला 1-0 से विजयी
जूनियर बालिका
पड़रौना बनाम रामकोला
रामकोला 1-0 से विजयी
पड़रौना की बालक टीमों के लगातार जीत के साथ मैदान में गूंज उठा—
“पड़रौना दमदार — खेल हमारा हथियार!”
वहीं रामकोला की बालिकाओं ने साबित कर दिया—
“प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं — बस दिमाग में हिम्मत और दिल में आग चाहिए!”
बॉक्सिंग — पंच नहीं, उमंगों के विस्फोट!
सब-जूनियर बालिका वर्ग: अनामिका कुशवाहा, वंदना कुशवाहा, आकांक्षा कुशवाहा, लक्ष्मी कुमारी, हर्षिता कुशवाहा, सृष्टि चौहान, तेजश्वनी गुप्ता, साक्षी चौबे, प्रियंशी कुशवाहा, मुस्कान प्रजापति, सपना कुशवाहा, प्राची चौहान, कृति चौबे, नंदनी यादव, प्रिया द्विवेदी ने दमदार प्रदर्शन किया।
सब-जूनियर बालक वर्ग: जय साहनी, रामेश्वर कुमार वर्मा, कृष्णा चौहान, प्रतीक वर्मा और अर्पित कुमार ने अपनी ताक़त और तकनीक से दर्शकों का दिल जीत लिया।
जनसमूह की भागीदारी — स्टेडियम बना उत्सव का महासागर
वरुण राय, सूर्य प्रताप शुक्ला, आलोक चौबे, संतोष दूबे, जगदीश मिश्रा, चन्द्र प्रकाश, प्रमोद राय, राहुल श्रीवास्तव, सबलू दूबे, सागर पाण्डेय, आदित्य कुमार चन्द्र, राजेन्द्र सिंह राजू, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, पंकज कुमार यादव, पंकज व सुश्री दुर्गावती सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
हजारों की भीड़ में उत्साह देखकर लगा—
“यह खेल का उत्सव नहीं, युवा शक्ति का जनसैलाब है!”
आभार — जो शब्दों में नहीं समा पाया
कार्यक्रम के अंत में क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद ने कहा—
“यह आयोजन अटल सपनों का जीवंत रूप है। हम इसे और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाते रहेंगे।”
अंतिम पंक्ति — खबर का सार
“अटल जी ने संकल्प दिया — खेलों ने उसे पूरा करने की राह दिखाई; कुशीनगर अब सिर्फ दर्शक नहीं, खेलों का ध्वजवाहक बनने को तैयार है।”




