

विलेज फास्ट टाइम्स — कुशीनगर से बड़ी ख़बर
26 दिसम्बर, कुशीनगर।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक एक साधारण समीक्षा नहीं, बल्कि प्रशासनिक संकल्प, जवाबदेही की कसौटी और कार्यकुशलता की ताक़ीद बनकर उभरी। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया— “जनहित से जुड़े कार्यों में देरी, लापरवाही या ‘काग़ज़ी प्रगति’ की गुंजाइश अब शून्य है। काम चाहिए, बहाने नहीं।”
बैठक में कृषि, आवास, मत्स्य पालन, कुम्हारी कला से जुड़े आवंटन, सीमा स्तंभों की प्रगति, आर.सी. वसूली, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं, फास्ट ट्रैक प्रमाणपत्र निर्गमन, GPF, ग्रेच्युटी, पेंशन तथा जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शिकायतों पर “प्रतीक्षा” शब्द अब विभागीय शब्दकोश से बाहर होना चाहिए, क्योंकि जनता का धैर्य सीमित है और प्रशासन का दायित्व अनंत।
“राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली आमजन के जीवन-स्तर से सीधे जुड़ी है। फाइलें ढोना अब पुराना दौर; परिणाम देना ही असली काम।” — जिलाधिकारी तंवर का यह कथन सभागार में प्रशासनिक अनुशासन की गूंज की तरह सुनाई दिया। उन्होंने लंबित प्रकरणों को “दैनिक प्राथमिकता” बनाकर निस्तारित करने के निर्देश दिए और चेताया— “यदि शिकायतें कलेक्ट्रेट तक दोबारा आएँ, तो यह संबंधित अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल बनकर दर्ज होगी।”
सबसे कड़ा निर्देश राजस्व ग्रामों के चकरोड व चकमार्ग को लेकर रहा। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों व तहसीलदारों को निर्देशित किया—
“अभियान चलाकर सीमांकन कराएँ, अवैध अतिक्रमण हटाएँ, और प्रत्येक लेखपाल से प्रमाणपत्र लें— चकरोड मुक्त, चकमार्ग स्पष्ट। यदि मार्ग बंद मिला, जवाब तय।”
बैठक में मौजूद अधिकारियों से जिलाधिकारी ने कहा कि आपसी समन्वय, संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही ही जनविश्वास की नींव है। “परियोजनाओं में देरी और शिकायतों पर उदासीनता अब विभागीय छवि को दाग देती है— इसे सुधारना ही होगा।”
इस प्रशासनिक मंथन में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, एडीएम वैभव मिश्रा, एडीएम न्यायिक प्रेम कुमार राय, सभी एसडीएम एवं तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सभागार से निकलते ही संदेश साफ़ था— कुशीनगर में प्रशासनिक ढर्रे में अब ‘गति’ और ‘कड़ाई’ दोनों अनिवार्य हैं।
