

— विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर विशेष रिपोर्ट
कुशीनगर। वीरता, संकल्प और प्रेरणा के इस ऐतिहासिक दिन 26 दिसंबर को कलेक्ट्रेट सभागार साहस, सम्मान और सशक्तिकरण के जीवंत मंच में तब्दील हो उठा। वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जी द्वारा दिल्ली से किए गए लाइव उद्बोधन ने देशभर की धड़कनों को जोड़ा, और उसी कड़ी में कुशीनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में वीर बाल दिवस, अनन्ता कार्यक्रम एवं हक की बात जिलाधिकारी के साथ का संयुक्त आयोजन एक ऐतिहासिक जन-समागम में बदल गया।
माननीय सांसद विजय कुमार दूबे ने अपने तीक्ष्ण एवं भावुक संबोधन में कहा—
“वीर बाल दिवस उन अदम्य पराक्रम वाले बाल योद्धाओं की पुकार है, जिन्हें इतिहास के शोर में भुला दिया गया। आज का दिन भारत के कलेजे में दर्ज साहस की लकीरों की पुनर्स्मृति है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि “आज देश उन वीरों को सम्मान दे रहा है, जिन्होंने धर्म, राष्ट्र और सत्य के लिए सब कुछ न्योछावर किया। साथ ही समाज सेवा व विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाएं भी नई ऊर्जा की धारा बन रही हैं।”
महिलाओं की प्रगति पर बोलते हुए सांसद ने कहा,
“स्वयं सहायता समूहों ने गांवों से लेकर आसमान तक महिलाओं के कदम बढ़ाए हैं—आज वे पायलट हैं, नेतृत्वकर्ता हैं, प्रेरणा की ध्वजवाहक हैं। मिशन शक्ति, कन्या सुमंगला जैसी योजनाएं अब सम्मान और आत्मनिर्भरता का पर्याय बन चुकी हैं।”
जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर का संबोधन प्रशासनिक दृढ़ता से भरा रहा। उन्होंने कहा कि “महिला कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला तक पहुँचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, किशोर न्याय बोर्ड जैसी सेवाओं को लोगों के अधिकार, सुरक्षा और न्याय की रीढ़ बताया।
कार्यक्रम के अनन्ता सत्र में 60 उत्कृष्ट महिलाओं को अंगवस्त्र, मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया—सभागार तालीयों से थर्रा उठा। वहीं 60 मेधावी छात्र-छात्राओं को बैग, नोटबुक, पेन-पेंसिल व चॉकलेट देकर प्रेरित किया गया। कई बच्चों की आंखों में चमक और सपनों की चिंगारी स्पष्ट दिखी—यही भविष्य का भारत है।
“हक की बात जिलाधिकारी के साथ” कार्यक्रम में छात्राओं ने तेज, सटीक और निर्भीक प्रश्न दागे—प्रशासन और पुलिस अधीक्षक ने भी कड़े, संतुलित और समाधानकारी जवाब दिए। यह संवाद नए भारत की आत्मविश्वासी पीढ़ी का प्रमाण बन गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभागीय प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति एवं महिला कल्याण विभाग के समस्त अधिकारी मौजूद रहे।
संपूर्ण संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुव चन्द्र त्रिपाठी द्वारा शालीनता और प्रशासनिक दृढ़ता के साथ किया गया।
विलेज फास्ट टाइम्स कहता है—
*“कुशीनगर में आज सिर्फ समारोह नहीं हुआ… आज आत्मविश्वास, सम्मान और लक्ष्य का नया घोषणापत्र लिखा
















