
विलेज फ़ास्ट टाइम्स कुशीनगर।
जनवरी 2026 में “बहू–बेटी कार्यक्रम” का बिगुल बज चुका है और प्रशासन ने थानावार विस्तृत रोस्टर जारी कर दिया है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और जागरूकता को केंद्र में रखते हुए पूरे महीने जिले के हर कोने में “बहू-बेटी संवाद” की गूंज सुनाई देगी। पुलिस-प्रशासन की यह मुहिम सिर्फ़ कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संदेश है—“अब आवाज़ उठेगी, हक़ मिलेगा और अपराध रोकने का संकल्प भी होगा!”*
जनवरी का हर रविवार अब सिर्फ़ छुट्टी नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का पर्व होगा। 4 जनवरी को पहले रविवार से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी, जहां कोतवलिया में पडरी, महिला थाना क्षेत्र में नेबता बाजार, जटहा बाजार में भभंज, कुशीनगर में जंगल सिसवा लक्ष्मीपुर, तुर्कपट्टी में सरेया बुर्जी, रामकृष्णपुर घुस में बेला मिर्ज़ा सख्तोरी भिंडवा सहित कई स्थानों पर मंच तैयार हैं। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में महिलाओं की समस्याएं सुनी जाएंगी, समाधान तय होंगे और अपराध पर नकेल कसने की रणनीति भी मेज़ पर रखी जाएगी।
11 जनवरी को दूसरी रविवार की बैठकों में अहिरौलिया, पिपराघाट, नौरंगिया, तेंदुआबारी, मदनपुर, प्रेमनगर, पंचायत भवन महसील बाजार, रौतिया देवीस्तान, पिपरा कन्च, तेतरिया वर्गी मिल्बर परिसर जैसे स्थान तैयार रहेंगे। इस दिन महिलाओं की आवाज़ें सिर्फ़ सुनी नहीं जाएँगी— उन पर कार्रवाई भी तय की जाएगी।
18 जनवरी, तीसरा रविवार— इस दिन समस्या–समाधान–संकल्प का पैमाना और ऊँचा होगा। बढ़पुरगंज, किन्नरपुरी, सेमर टोला, बैदभग्रीया, रामबाग रघैया, अमननगर, बाबूगंज, बेपटब, तेनवंडी, गोरी श्रीराम जैसे इलाकों में महिलाओं के साथ संवाद की आग और तेज होगी।
और फिर आएगा 25 जनवरी, चौथा रविवार— निर्णयों को धरातल पर उतारने का दिन। दानापुर, कटराज भभुआ, जंगल घुस पार्करिया, जंगल घोडा रायनगर, कुशमाहा सोमनाथ, नंदू बुढ़वन, धने-अजौली, बुढ़वा घाट परिसर, फुलैनगर जूनियर स्कूल, सिवान, गोविंदनगरिया, बहदत बुर्जुग, गाज़ीपुर, घोसो चटवा, जोहर महायन, सोहनिया, बड़हलखिया, बेलवनिया जैसे स्थान इस मुहिम के गवाह बनेंगे।
सरकार का संदेश साफ़ है — “बहू-बेटी अब चुप नहीं रहेगी, और कानून चुप रहने नहीं देगा।”
पूरा महीना महिलाओं की आवाज़ पर केंद्रित रहेगा— शिकायत से न्याय तक और अधिकार से सम्मान तक।
जनवरी 2026… बहू-बेटी के नाम!
