
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर | 4 जनवरी
जनपद कुशीनगर में सामाजिक सरोकार, प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला स्टेडियम परिसर में भव्य कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जेपी मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट एवं गांव वाला वेलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों के दिव्य मेले के साथ-साथ सैकड़ों जरूरतमंदों को राहत सामग्री के रूप में कंबल वितरित किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय पी.एन. द्विवेदी, राज्य सूचना आयुक्त, उत्तर प्रदेश (लखनऊ) रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रशासनिक मजबूती और सामाजिक संवेदनशीलता की ऊंचाई प्रदान की। राज्य सूचना आयुक्त ने स्वयं जरूरतमंद, असहाय एवं निर्धन लोगों को कंबल वितरित कर उन्हें ठंड से राहत पहुंचाई, जिससे लाभार्थियों के चेहरों पर सच्ची मुस्कान और संतोष साफ झलकता नजर आया।
इस अवसर पर माननीय राज्य सूचना आयुक्त पी.एन. द्विवेदी ने अपने सशक्त और प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि “शीत ऋतु में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की चिंता करना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हम सभी का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। ऐसे कार्यक्रम यह संदेश देते हैं कि प्रशासन और समाज एक साथ मिलकर जरूरतमंदों के साथ खड़ा है।” उन्होंने सामाजिक संस्थाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर मजबूती प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में सुदर्शन न्यूज़ के स्टेट हेड रजत कांत मिश्रा, गांव वाला वेलफेयर फाउंडेशन के निदेशक जितेश कुमार मिश्र, जेपी मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. ओम प्रकाश सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से इस मानवीय पहल को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कंबल पाकर लाभार्थियों ने आयोजनकर्ताओं एवं प्रशासन के प्रति आभार जताया। ठंड से ठिठुरते लोगों के लिए यह कंबल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि सर्द रातों में सुरक्षा और संवेदनशीलता का संबल बनकर सामने आया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।
कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल राहत वितरण का कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी दे गया कि जब प्रशासन, सामाजिक संगठन और जनसहभागिता एकजुट होती है, तब मानवता सबसे मजबूत रूप में सामने आती
