
06 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सजगता एक बार फिर सामने आई है। महिला हेल्पलाइन 181 (सखी वन स्टॉप सेंटर) की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से घरेलू हिंसा की शिकार एक महिला को न सिर्फ तत्काल राहत मिली, बल्कि सुरक्षित संरक्षण भी सुनिश्चित किया गया। यह मामला रामकोला थाना क्षेत्र का है, जहाँ बीती रात लगभग 08:00 बजे पीड़िता के भाई ने हेल्पलाइन 181 पर फोन कर गंभीर घरेलू हिंसा की सूचना दी।
सूचना के अनुसार पीड़िता को उसके पति, सास और ससुर द्वारा लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मामला अत्यंत संवेदनशील होने के चलते सखी वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर श्रीमती रीता यादव ने बिना समय गंवाए पूरे प्रकरण से जिला प्रोबेशन अधिकारी डीसी त्रिपाठी को अवगत कराया। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
आज दिनांक 06 जनवरी 2026 को वन स्टॉप सेंटर, हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन एवं रामकोला थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची और स्थिति का गहन निरीक्षण किया। टीम में सेंटर मैनेजर रीता यादव, हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन से श्रीमती प्रीति सिंह, श्रीमती बंदना कुशवाहा (जेंडर स्पेशलिस्ट), रामकोला थाना से उपनिरीक्षक दिनेश कुमार यादव, बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप यादव, पुलिस आरक्षी एवं उपनिरीक्षक रामबदन चौहान शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान पीड़िता के साथ निरंतर हो रहे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न की पुष्टि हुई। पीड़िता के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के स्पष्ट निशान पाए गए, जो घरेलू हिंसा की भयावहता को उजागर करते हैं। इसके तुरंत बाद पीड़िता को प्राथमिक उपचार हेतु संयुक्त जिला चिकित्सालय, कुशीनगर लाया गया, जहाँ चिकित्सकीय परीक्षण एवं उपचार कराया गया।
उपचार के पश्चात प्रशासन की पहल पर पीड़िता को सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रूप से आवासित किया गया है। साथ ही, पूरे प्रकरण में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है। जिला प्रोबेशन अधिकारी डीसी त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के उत्पीड़न के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विलेज फास्ट टाइम्स इस सराहनीय कार्रवाई के लिए महिला हेल्पलाइन 181, सखी वन स्टॉप सेंटर, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की तत्परता की प्रशंसा करता है। यह कार्रवाई न केवल एक पीड़िता के लिए उम्मीद की किरण बनी है, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी देती है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर प्रशासन पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहा है।



