
07 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में लगातार बढ़ती शीतलहर और गिरते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। नन्हे बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने एक अहम और जनहितकारी निर्णय लिया है। उनके निर्देश पर जनपद में संचालित समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर 14 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अत्यधिक ठंड और शीतलहर के प्रकोप से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का यह निर्णय जनसरोकार और संवेदनशीलता का प्रतीक माना जा रहा है।
हालांकि, अवकाश का अर्थ कार्यों में ढिलाई नहीं होगा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि अवकाश अवधि के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करती रहेंगी। इस दौरान लाभार्थियों को अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण, बच्चों का वजन मापन, गृह भ्रमण, पोषण ट्रैकर पर नियमित फीडिंग, निर्धारित कैलेंडर के अनुसार सामुदायिक गतिविधियां, वीएचएसएनडी सत्रों का आयोजन तथा आरबीएसके टीम के माध्यम से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक संदर्भन की कार्रवाई निर्बाध रूप से जारी रहेगी।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में यह भी निर्देश दिया कि अवकाश अवधि में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कोई भी कार्मिक आंगनबाड़ी केंद्र या मुख्यालय छोड़कर बाहर नहीं जाएगा। आदेशों के उल्लंघन की स्थिति में कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि जनपद के बच्चों और महिलाओं को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके।
कुल मिलाकर, शीतलहर के इस दौर में जिला प्रशासन का यह फैसला जनहित में एक मजबूत और सराहनीय कदम माना जा रहा है, जो यह साबित करता है कि कुशीनगर प्रशासन आमजन की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
— विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर

