
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | 10 जनवरी 2026
डिजिटल युग में खेती को नई दिशा देने वाली एग्रीस्टेक (डिजिटल एग्रीकल्चर) योजना के तहत कुशीनगर जनपद में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का भव्य शुभारंभ हुआ। मा० राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात, उ०प्र० श्री दिनेश प्रताप सिंह जी ने कलेक्ट्रेट परिसर से जनपद के सभी 14 विकास खण्डों के लिए प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह प्रचार वाहन 10 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक जनपद के प्रत्येक राजस्व ग्राम में पहुंचेगा और किसानों को फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाने के महत्व, प्रक्रिया और लाभों की जानकारी देगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान डिजिटल पहचान से वंचित न रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि “फार्मर आईडी भविष्य की खेती की चाबी है। यह केवल पहचान पत्र नहीं, बल्कि किसानों को योजनाओं से सीधे जोड़ने वाला मजबूत डिजिटल सेतु है।” उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री बनने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्तें निर्बाध मिलेंगी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वास्तविक क्षति के अनुरूप मुआवजा मिलेगा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की पारदर्शी बिक्री संभव होगी और किसान क्रेडिट कार्ड सहित सभी कृषि अनुदान सरलता से प्राप्त हो सकेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में सरकार की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाएं इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगी। ऐसे में फार्मर आईडी न बनवाना, स्वयं को विकास की मुख्य धारा से अलग करना होगा।
प्रशासन ने इस अभियान को “हर किसान तक, हर योजना” के संकल्प के साथ शुरू किया है। प्रचार वाहन गांव-गांव जाकर न केवल जानकारी देगा, बल्कि किसानों को तत्काल पंजीकरण के लिए प्रेरित भी करेगा। जिलाधिकारी श्री महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को मिशन मोड में चलाते हुए शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर मा० राज्यसभा सांसद श्री आर०पी०एन० सिंह, मा० लोकसभा सांसद कुशीनगर श्री विजय दुबे, विधायक खड्डा श्री विवेकानन्द पाण्डेय, विधायक कुशीनगर श्री पी०एन० पाठक, विधायक हाटा श्री मोहन वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री दुर्गेश राय, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी श्री वैभव मिश्रा, उप कृषि निदेशक श्री अतीन्द्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ० मेनका सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कुशीनगर की धरती पर यह अभियान खेती के इतिहास में डिजिटल क्रांति की मजबूत नींव साबित होने जा रहा है।





