



विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | 10 जनवरी 2026
जनपद कुशीनगर में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” को प्रभावी बनाने हेतु प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतर चुका है। इसी क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी के निर्देशानुसार 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत आज सेवरही स्थित अम्बिका प्रसाद नवोदय विद्यालय एवं तमकुहींराज के आवासीय बालिका विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम के जिला मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह ने बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं को इससे दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर कुठाराघात है।
चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अभिषेक कुमार सिंह ने बच्चों को बताया कि यदि कहीं भी कम उम्र में विवाह (लड़का-21 वर्ष से कम, लड़की-18 वर्ष से कम) की जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर रीता यादव ने महिला कल्याण विभाग की योजनाओं—निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) आदि की जानकारी देकर छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। साथ ही 181, 1090, 112, 108, 102 जैसे सभी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता समझाई गई।
कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाते हुए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की बालिकाओं ने नुक्कड़ नाटक, रंगोली और पोस्टर पेंटिंग के माध्यम से समाज को संदेश दिया—“बाल विवाह नहीं, उज्ज्वल भविष्य चाहिए।” इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।
समापन अवसर पर डॉ. वीना गुप्ता ने सभी छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को बाल विवाह न करने और रोकने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा इस अभियान का प्रहरी बने और किसी भी बाल विवाह की सूचना 1098 या 112 पर अवश्य दे।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—
“कुशीनगर ने ठाना है, बाल विवाह मुक्त जनपद बनाना है।”
यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

