
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | 11 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश शासन ने जन-भावनाओं और परंपराओं को सम्मान देते हुए मकर संक्रान्ति (खिचड़ी) पर्व पर प्रदेश भर में दो दिवसीय सार्वजनिक/स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 17 नवम्बर 2025 के क्रम में, निगोशिएबुल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया है।
भारत सरकार की विज्ञप्ति संख्या-20/25-56-पीयूबी-1 दिनांक 08 जून, 1957 के अनुसार, राज्यपाल महोदय द्वारा मकर संक्रान्ति (खिचड़ी) पर्व को सार्वजनिक/स्थानीय अवकाश के रूप में मान्यता दी गई है। इस निर्णय के तहत अब प्रदेश में दिनांक 14 जनवरी 2026 (बुधवार) एवं 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को मकर संक्रान्ति पर्व के अवसर पर अवकाश रहेगा।
मकर संक्रान्ति उत्तर प्रदेश में आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। विशेषकर पूर्वांचल में “खिचड़ी पर्व” के रूप में इसकी व्यापक पहचान है। गंगा स्नान, दान-पुण्य, खिचड़ी का प्रसाद और मेलों की परंपरा इस पर्व को विशेष बनाती है। लाखों श्रद्धालु इस दिन नदियों व सरोवरों में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
पर्व की व्यापकता और जन-आस्था को ध्यान में रखते हुए शासन ने पूर्व में घोषित दो स्थानीय अवकाश—
19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) – दशहरा (महाष्टमी)
10 नवम्बर 2026 (मंगलवार) – गोवर्धन
को निरस्त कर दिया है। इनके स्थान पर मकर संक्रान्ति के लिए दो दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपद के समस्त कार्यालयाध्यक्षों, शैक्षणिक संस्थानों, बैंकिंग प्रतिष्ठानों एवं आम नागरिकों को आदेश के अनुपालन हेतु सूचित किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने वाला है और इससे श्रद्धालुओं को पर्व मनाने में सुविधा मिलेगी।
यह फैसला न केवल परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और जनभावनाओं के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है।
