
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | दिनांक: 13-01-2026
जनपद कुशीनगर के दुदही प्रखण्ड अंतर्गत मठिया माफी स्थित श्री बच्चू सिंह एजुकेशनल एकेडमी में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित दुर्गा वाहिनी नियुद्ध प्रशिक्षण वर्ग के सप्तम दिवस का शुभारंभ अत्यंत भव्य और प्रेरणादायी वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ सम्पन्न हुआ। पूरा परिसर “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के उद्घोष से गूंज उठा, जिसने वातावरण को राष्ट्रभक्ति और आत्मबल से ओतप्रोत कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मातृ शक्ति जिला संयोजिका सरोज जी, महिला उपाध्यक्ष उर्मिला जी, दुर्गा वाहिनी जिला संयोजिका करिश्मा जी, शिक्षिका गीता जी, जिलाध्यक्ष मुकेश जी, सभासद सपना जी, भाजपा महिला मोर्चा जिलामंत्री सरीता मिश्रा जी, सोनी मिश्रा जी, कान्ति शर्मा जी, खण्ड कार्यवाहक जितेन्द्र जी, सहकार्यवाह संजय जी, खण्ड संचालक अमर जी, धीरज जी तथा प्रखण्ड अध्यक्ष गौरव जी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। मंच से उठी ऊर्जा ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि समाज अब नारी शक्ति को केवल सम्मान नहीं, बल्कि सुरक्षा और नेतृत्व का मजबूत आधार बना रहा है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर संगठन के दायित्ववान कार्यकर्ता, समाज के प्रबुद्ध जन, अनेक विद्यालयों के संचालक, संत समाज एवं व्यापारी बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी की बहनों ने आत्मरक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़ी प्रभावशाली प्रशिक्षण प्रस्तुतियाँ दीं। उनके आत्मविश्वास, समर्पण और दृढ़ संकल्प ने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। यह स्पष्ट दिखाई दिया कि आने वाला समय नारी शक्ति के नेतृत्व का समय है।
मंच से वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में बेटियों का सशक्त होना केवल परिवार की नहीं, बल्कि राष्ट्र की आवश्यकता है। दुर्गा वाहिनी का यह प्रशिक्षण वर्ग समाज को एक नई दिशा दे रहा है, जहाँ नारी अब निर्बल नहीं, बल्कि स्वयं की रक्षक और राष्ट्र की प्रहरी बनेगी।
कार्यक्रम के समापन पर जिलाध्यक्ष मुकेश जी ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दुर्गा वाहिनी की बहनों से निरंतर अभ्यास और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “जब नारी सशक्त होगी, तभी समाज सुरक्षित होगा और राष्ट्र मजबूत बनेगा।”
यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में चेतना, साहस और आत्मसम्मान की नई अलख जगाने वाला ऐतिहासिक क्षण बन गया।













