
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में 14 जनवरी 2026 को आर्म्ड फोर्स वेटरन्स डे का आयोजन पूरे गरिमामय वातावरण में किया गया। यह आयोजन विंग कमांडर आलोक सक्सेना, अपर प्रांतीय / जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों, उनके परिवारों तथा पूर्व सैनिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना रहा।
समारोह में वीर नारियों, शहीदों के परिजनों एवं पदक विजेता सैनिकों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। जैसे ही सम्मान का क्रम प्रारम्भ हुआ, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हर चेहरे पर गर्व और हर आंख में सम्मान की चमक स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
इस अवसर पर श्रीमती सीमा मिश्रा (पत्नी शहीद श्रीधर मिश्रा), श्रीमती प्रभावती देवी (माता स्वर्गीय अतुल कुमार शाही), श्रीमती देवा देवी (पत्नी शहीद श्याम शरण पाण्डेय), श्रीमती धर्मशिला देवी (पत्नी सिपाही संतोष यादव) को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। वहीं पदक विजेता श्री शम्भू नाथ यादव, लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार के पिता श्री सत्य प्रकाश जायसवाल सहित जनपद के वरिष्ठ एवं सम्मानित पूर्व सैनिक—कैप्टन एल.बी. त्रिपाठी, कैप्टन नागेन्द्र पाण्डेय, कैप्टन डी.एस. पाण्डेय, कैप्टन शमशुद्दीन, सूबेदार हरेंद्र राय, हवलदार अनिल सिंह, हवलदार एस.पी. गुप्ता—की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और ऊंचा कर दिया।
अपने संबोधन में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्र ने कहा कि “आज हम जिन स्वतंत्र सांसों में जीवन जी रहे हैं, उनके पीछे हमारे सैनिकों का अमूल्य बलिदान है। समाज का दायित्व है कि वह अपने वीरों और उनके परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ बना रहे।” वहीं विंग कमांडर आलोक सक्सेना ने कहा कि यह दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि संकल्प का है—कि हम सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहें।
कार्यक्रम ने न केवल शौर्य की गाथाओं को जीवंत किया, बल्कि युवा पीढ़ी के मन में देशभक्ति की नई ऊर्जा भी भरी। आयोजन का सफल क्रियान्वयन कार्यालय के प्रभाकर नाथ तिवारी (कनिष्ठ सहायक), राजेश कुमार गुप्ता एवं समस्त स्टाफ के अथक सहयोग से सम्पन्न हुआ।
यह समारोह कुशीनगर के इतिहास में एक प्रेरणास्पद अध्याय के रूप में अंकित हो गया—जहां सम्मान, संवेदना और राष्ट्रभक्ति एक मंच पर सजीव होकर सामने आई।







