

प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 : मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से भेजी पहली किश्त
कुशीनगर के 6,231 लाभार्थियों को आवास निर्माण हेतु ₹1 लाख
18 जनवरी, विलेज फास्ट टाइम्स,
कुशीनगर।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 के अंतर्गत प्रथम किश्त की धनराशि अंतरण एवं आवास स्वीकृति प्रमाण-पत्र वितरण का भव्य आयोजन लखनऊ में किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के लगभग 2 लाख पात्र लाभार्थियों के खातों में ₹1.00 लाख प्रति लाभार्थी की पहली किश्त सीधे हस्तांतरित की। इसमें जनपद कुशीनगर के 6,231 लाभार्थी शामिल हैं, जिनके सपनों को आज ठोस आधार मिला।
कलेक्ट्रेट सभागार, कुशीनगर में आयोजित लाइव प्रसारण कार्यक्रम में माननीय सांसद कुशीनगर विजय कुमार दुबे, माननीय विधायक खड्डा विवेकानंद पांडेय, माननीय विधायक हाटा मोहन वर्मा, माननीय विधायक फाजिलनगर सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री का उद्बोधन सुना। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, परियोजना अधिकारी डूडा, उप जिलाधिकारी आशुतोष सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
अपने संबोधन में सांसद विजय कुमार दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 शहरी गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी योजना है। यह केवल ईंट-पत्थर का घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व की गारंटी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पारदर्शी व्यवस्था और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सहायता सीधे पात्रों तक पहुँचाकर शासन ने सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने योजना की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पीएम आवास योजना–शहरी 2.0 के अंतर्गत प्रत्येक पात्र लाभार्थी को कुल ₹2.50 लाख की अनुदान राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाती है। निर्माण प्रारंभ हेतु पहली किश्त ₹1.00 लाख, फाउंडेशन कार्य पूर्ण होने पर दूसरी किश्त ₹1.00 लाख तथा आवास पूर्ण होने पर तीसरी किश्त ₹50,000 दी जाती है।
उन्होंने बताया कि शहरों में निवासरत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग एवं मध्यम आय वर्ग के वे परिवार जिनके पास देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं है, इस योजना के लिए पात्र हैं। योजना के अंतर्गत विधवाओं, अविवाहित महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक एवं अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी गरिमामय जीवन मिल सके।
कार्यक्रम में लाभार्थियों के चेहरों पर भरोसे और खुशी की चमक साफ दिखाई दी। यह पहल न केवल आवास का सपना साकार कर रही है, बल्कि आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य की नींव भी रख रही है।











