
जिला न्यायालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरूकता
19 जनवरी, विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर।
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आज जनपद कुशीनगर में भव्य शुभारम्भ हुआ। यह कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, माननीय शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से हुआ, जिसमें अधिवक्ताओं एवं आमजनमानस ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बाल विवाह के विरुद्ध अपनी प्रतिबद्धता दर्ज की। इस अवसर पर लखनऊ से आई विशेष टीम द्वारा बाल विवाह एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषयक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक ने कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से उजागर करते हुए समाज को झकझोर दिया और यह संदेश दिया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल देता है।
जिला प्रोवेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार जनपद में 100 दिनों तक निरंतर जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, ताकि हर गांव, हर मोहल्ले तक यह संदेश पहुंचे कि बाल विवाह पर पूर्ण विराम लगाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम के जिला मिशन समन्वयक नलिन सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने सभी से अपील की कि अपने बच्चों का विवाह निर्धारित आयु से पूर्व न करें—लड़के की आयु 21 वर्ष और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम न हो। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी कम आयु में विवाह की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, 112 अथवा 181 पर सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चे का भविष्य बचाया जा सके।
महिला कल्याण विभाग की जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती वंदना कुशवाहा ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं—निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) आदि की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पात्र परिवारों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही 1098, 181, 1090, 112, 108 एवं 102 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये सेवाएं संकट की घड़ी में जीवन रक्षक सिद्ध हो सकती हैं।
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग से श्रीमती वंदना गुप्ता (चाइल्ड एजुकेटर), सुश्री साक्षी पाण्डेय (सुपरवाइजर) सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन माननीय अपर जिला जज द्वारा सभी को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाकर किया गया।
सभा स्थल पर गूंजा एक स्वर—
“कुशीनगर ने ठाना है, बाल विवाह मुक्त जनपद बनाना है।”




