

₹1200 करोड़ के जीबीसी लक्ष्य को समयबद्ध पूरा करने पर जोर
19 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में औद्योगिक, व्यापारिक एवं श्रमिक हितों को नई गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बन्धु, व्यापार बन्धु एवं श्रम बन्धु की संयुक्त बैठक भव्य एवं प्रभावशाली ढंग से सम्पन्न हुई। बैठक में उद्यमियों, व्यापारियों एवं श्रमिकों से जुड़ी लंबित समस्याओं पर गंभीरता से मंथन करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जनपद का औद्योगिक विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी उद्यमी या व्यापारी को अनावश्यक भटकाव न झेलना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।” उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि उद्योगों से जुड़ी हर फाइल ‘प्राथमिकता मोड’ में निस्तारित होनी चाहिए।
मेसर्स विशाल ट्रेडिंग कम्पनी, मुसहर बस्ती, जंगल बेलवां, पडरौना के इकाई स्थल तक संपर्क मार्ग के पक्के निर्माण एवं चौड़ीकरण के संबंध में नगर पालिका द्वारा अवगत कराया गया कि कार्यादेश जारी हो चुका है और शीघ्र ही निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाएगा। वहीं, मेसर्स सीएससी कुशीनगर सठियांव यूपी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, फाजिलनगर के संपर्क मार्ग निर्माण के प्रकरण में जिलाधिकारी ने नगर पंचायत फाजिलनगर को बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कर टेंडर की प्रति तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मेसर्स बुद्धा वाटर पार्क एवं रिसॉर्ट, एनएच-28, भैंसहां के लंबित धारा-80 प्रकरण में कार्य पूर्ण पाए जाने पर प्रकरण को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार मेसर्स खट्टर एडिबिल्स, कप्तानगंज की विद्युत आपूर्ति समस्या का समाधान नवीन उपकेंद्र भड़सर खास के चालू होने से हो जाने पर समिति ने संतोष व्यक्त करते हुए प्रकरण समाप्त किया।
मेसर्स गुरु इंटरप्राइजेज, कसया के इकाई स्थल तक पक्के संपर्क मार्ग के निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग को शीघ्र प्राक्कलन तैयार कर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। मिनी औद्योगिक आस्थान नदवां विशुनपुर, फाजिलनगर में गाटा संख्या सुधार कार्य पूर्ण होने पर उद्यमी संगठनों ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
मिनी औद्योगिक आस्थान सरगटिया करनपट्टी, दुदही में विद्युत आपूर्ति सुधार के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने एवं ट्रांसफार्मर स्थापना के निर्देश दिए गए। गोला बाजार, कसया स्थित उद्योग विभाग के पुराने प्रशिक्षण केंद्र के पुनर्निर्माण हेतु अतिक्रमण हटाकर कार्य प्रारंभ कराए जाने की जानकारी दी गई, जिस पर प्रकरण समाप्त किया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, ओडीओपी एवं एमवाईएसवाई योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को लक्ष्य पूर्ति में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “बैंकिंग सहयोग के बिना उद्यमिता का सपना अधूरा है, इसलिए प्रत्येक पात्र आवेदक को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।”
विशेष रूप से जीबीसी-5 के अंतर्गत विभिन्न विभागों को आवंटित ₹1200 करोड़ के लक्ष्य को समयबद्ध पूर्ण करने हेतु कृषि, पर्यटन, आयुष, बेसिक शिक्षा, गन्ना, मत्स्य, खाद्य सुरक्षा, राजस्व, नगर विकास सहित सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए।
निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में स्वीकृतियां न देने वाले विभागों पर जवाबदेही तय की जाएगी।
श्रम बन्धु की बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि श्रमिकों को योजनाओं का लाभ शिविरों के माध्यम से दिलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अटल आवासीय विद्यालय में अधिकाधिक आवेदन कराने की अपील करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रत्येक खंड से न्यूनतम 50-50 आवेदन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों एवं अनाथ बच्चों हेतु संचालित अटल आवासीय विद्यालय में कक्षा 06 एवं 09 में प्रवेश हेतु आवेदन 01 जनवरी 2026 से प्रारंभ हैं। पात्रता के अंतर्गत 30.11.2022 तक पंजीकृत श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चे तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जिला श्रम कार्यालय, पडरौना अथवा वेबसाइट upbocw.in से किए जा सकते हैं। अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है तथा चयन परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री वंदिता श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन, उपायुक्त राज्यकर, अग्रणी जिला प्रबंधक संतोष कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुश्री अलंकृता उपाध्याय, उद्यमी संघ अध्यक्ष रामअशीष जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्यमी एवं व्यापारीगण उपस्थित रहे।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कुशीनगर को उद्योग, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल किया जाएगा।




