
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता की रिपोर्ट 20 जनवरी, कुशीनगर
अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चल रहे निर्वाचक नामावलियों के प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्य में गंभीर शिथिलता सामने आने पर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अपनाते हुए तमकुहीराज, सेवरही, दुदही, हाटा के खण्ड विकास अधिकारियों/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) सहित सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं उपखण्ड अधिकारी (विद्युत) कसया तथा वरिष्ठ सहायक निर्वाचन कार्यालय (नगरीय एवं पंचायत) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिले की 331–तमकुहीराज एवं 334–हाटा विधानसभा क्षेत्रों में नो-मैपिंग, डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन, सुनवाई तथा नोटिस निर्गत करने जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर यह कठोर कदम उठाया गया है। उपजिलाधिकारी तमकुहीराज एवं तहसील हाटा से प्राप्त रिपोर्टों में स्पष्ट हुआ कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा AERO के रूप में नामित किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने बार-बार निर्देश दिए जाने पर भी न तो निर्धारित नोटिस डाउनलोड/निर्गत किए, न ही प्रशिक्षण, बैठकों एवं निर्वाचन कार्यों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। परिणामस्वरूप निर्वाचन जैसे संवेदनशील दायित्वों में बाधा उत्पन्न हुई।
इसके साथ ही पंचायत निर्वाचक नामावली, 2021 के अंतर्गत डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन में भी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। बिना समुचित जांच के बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम विलोपित किए जाने, ग्राम पंचायतवार खुली बैठकों का आयोजन न होने, बैठकों के साक्ष्य (वीडियो/फोटोग्राफ) प्रस्तुत न करने तथा डाटा फीडिंग वेण्डर के विरुद्ध प्रस्तावित कार्यवाही से संबंधित पत्रावलियां समय से प्रस्तुत न करने जैसे आरोप सामने आए हैं।
जिलाधिकारी ने उक्त कृत्यों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अंतर्गत कर्तव्यों में लापरवाही (Breach of Duty) तथा उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1999 के उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया है। स्पष्ट किया गया है कि समयसीमा के भीतर संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में प्रकरण को भारत निर्वाचन आयोग/राज्य निर्वाचन आयोग को अग्रिम अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु संदर्भित किया जाएगा।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने दो टूक कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता लोकतंत्र की नींव है। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सुरक्षित रहे और किसी भी प्रकार की त्रुटि या मनमानी पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस चेतावनी के बाद जिले के निर्वाचन अमले में हलचल तेज हो गई है।

