
21 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
झारखण्ड राज्य के रांची जनपद अंतर्गत ओरमांझी थाना क्षेत्र के शंकर घाट सिलदिरी ग्राम निवासी कक्षा-03 का छात्र कन्हैया कुमार बीते 22 नवम्बर 2025 से लापता है। मासूम की यह गुमशुदगी केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए मानवीय परीक्षा बन चुकी है। खेल-खेल में घर से निकला बच्चा आज भी अपनों की राह देख रहा है, जबकि उसकी माँ की आँखें हर दिन उम्मीद और आँसुओं के बीच झूल रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कन्हैया ओरमांझी ब्लॉक चौक के समीप स्थित एसएस प्लस टू उच्च विद्यालय के पास बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने गया था। खेल के बाद वह ममता मार्केट पहुँचा, जहाँ उसकी माँ शांति देवी चाट-पुटका की छोटी सी दुकान चलाती हैं। कन्हैया ने स्वयं चाट बनाकर माँ को खिलाई और यह कहकर चला गया कि “थोड़ी देर में लौटूँगा”, लेकिन वह लौटकर नहीं आया।
गरीबी से जूझ रहे इस परिवार की दुनिया उसी दिन थम गई। माँ शांति देवी की दुकान आज भी खुलती है, पर हर ग्राहक के साथ उसकी निगाहें बेटे की तलाश करती हैं। पिता और परिजन दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक कन्हैया का कोई सुराग नहीं मिला।
लापता बच्चे की खोज को लेकर झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से पत्राचार कर सहयोग माँगा है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स के माध्यम से तलाश तेज कर दी गई है।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के अपर जिला जज/सचिव शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने जनपद के नागरिकों से मानवीय आधार पर विशेष अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी को भी कहीं कन्हैया कुमार दिखाई दे या उसके संबंध में कोई सूचना मिले, तो तत्काल मोबाइल नंबर 9453250991 पर जानकारी दें।
यह केवल एक अपील नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र के लिए चेतावनी भी है कि लापता बच्चों के मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सर्वोपरि हो। हर नागरिक, हर अधिकारी और हर संस्था की जवाबदेही बनती है कि एक माँ को उसका लाल वापस मिले। मानवता की कसौटी पर खड़े इस समय में चुप्पी नहीं, सहभागिता ही समाधान है।

