

22 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह जनवरी 2026 के तहत सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और जन-जागरूकता को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर सड़क सुरक्षा समिति के गठन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शासन के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में आयोजित हुआ, जिसमें प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता और जवाबदेही का स्पष्ट संदेश दिया।
कार्यक्रम में जनपद के सभी विकास खण्डों से सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम प्रधान, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं पंचायत स्तर से जुड़े अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान यह साफ किया गया कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक की सामूहिक जवाबदेही है।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा दिए गए प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा के सभी प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हेल्मेट, सीट बेल्ट, रिफ्लेक्टर टेप और यातायात नियम कोई विकल्प नहीं, बल्कि जीवन रक्षा के अनिवार्य साधन हैं। प्रशिक्षण में कैशलेस उपचार सुविधा, हिट एंड रन सोलैशियम योजना, राहगीर योजना, अनाधिकृत पार्किंग पर नियंत्रण, “नो हेल्मेट-नो फ्यूल” अभियान, नशे में वाहन न चलाने, कोहरे में धीमी गति तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली व मालवाहक वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सड़क सुरक्षा समिति का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेताया कि समिति गठन केवल कागजी न रह जाए, बल्कि नियमित बैठकें, प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था लागू हो। ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी तय करने तथा लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन ने यह भी निर्देशित किया कि ग्राम सड़क सुरक्षा समिति द्वारा सड़क सुरक्षा अग्रदूत चिन्हित किए जाएँ, जो गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में स्थानीय स्तर पर त्वरित सूचना, प्राथमिक सहायता और प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम में मो. अजीम (सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी), आलोक कुमार प्रियदर्शी (जिला पंचायत राज अधिकारी), मोहन सिंह (डीपीएम), वैभव कुमार पाण्डेय (डीपीएम), नीरज चतुर्वेदी, अनिरुद्ध सिंह, तैमुर अंसारी, श्रीमती उषा कुमारी (सहायक विकास अधिकारी – पंचायत) सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम न केवल प्रशिक्षण तक सीमित रहा, बल्कि प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट चेतावनी भी रही कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।

