
22 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत आवेदन अग्रसारण की धीमी गति को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेश के क्रम में वित्तीय वर्ष/शैक्षिक सत्र 2025-26 हेतु दशमोत्तर छात्रवृत्ति भुगतान की संशोधित समय-सारिणी की जानकारी देते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सीडीओ ने बताया कि सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक भत्ता एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु छात्रवृत्ति आवेदन पत्रों का ऑनलाइन सत्यापन एवं अग्रसारण अनिवार्य है। शासन द्वारा शिक्षण संस्थान स्तर से आवेदन अग्रसारण की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।
हालांकि, 22 जनवरी 2026 तक छात्रवृत्ति पोर्टल के अवलोकन में यह तथ्य सामने आया है कि जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों द्वारा कुल 4823 आवेदन पत्रों का अग्रसारण अभी भी लंबित है। आवेदन अग्रसारण की यह धीमी प्रगति न केवल छात्र-छात्राओं के हितों को प्रभावित कर रही है, बल्कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग पर भी प्रतिकूल असर डालने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
मुख्य विकास अधिकारी ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जनपद के समस्त शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य/प्रधानाचार्य को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना दिनांक 24 जनवरी 2026 तक सभी लंबित छात्रवृत्ति आवेदन पत्रों का सत्यापन एवं अग्रसारण हर हाल में सुनिश्चित करें।
उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से सीधे जुड़ी हुई है। यदि किसी शिक्षण संस्थान स्तर पर आवेदन अग्रसारण लंबित रह जाता है और इसके कारण जनपद को अपेक्षित रैंकिंग प्राप्त नहीं हो पाती है, तो संबंधित शिक्षण संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित संस्था की होगी।
प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद जनपद के शिक्षण संस्थानों में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि तय समयसीमा के भीतर छात्रवृत्ति आवेदन अग्रसारण में कितनी तेजी आती है और छात्र-छात्राओं को समय पर उनका हक मिल पाता है या नहीं।

