

24 जनवरी, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के तत्वावधान में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविरों का आयोजन कर प्रशासन ने समाज को स्पष्ट और सख्त संदेश दिया—बालिकाओं के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होगा। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रभात सिंह ने शासन के निर्देशों के क्रम में जानकारी देते हुए बताया कि यह जागरूकता कार्यक्रम पडरौना ब्लॉक के अंतर्गत पाण्डेय देवरिया तथा जिला स्टेडियम में आयोजित किया गया।
शिविर के दौरान बालिकाओं के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेष रूप से बाल विवाह की रोकथाम, गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व देखभाल, लिंग चयन निषेध कानून, बालिकाओं के लिए संतुलित पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, शिक्षा का अधिकार तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को सरल भाषा में समझाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह और लिंग भेद जैसे सामाजिक अपराधों पर कानून पूरी सख्ती से लागू है और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासनिक वक्ताओं ने कहा कि बालिकाओं को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और नेतृत्व के अवसर देना समय की आवश्यकता है। जागरूकता शिविर का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज की सोच में ठोस परिवर्तन लाना है। उन्होंने अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार वर्गों से आह्वान किया कि वे बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से जोड़ा और बालिकाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास व सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध चेतना और अधिकारों के प्रति सजगता का प्रभावी संचार हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखी जाएगी, ताकि कानून की जानकारी अंतिम पंक्ति तक पहुंचे। प्रशासन की इस पहल को सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने सराहा और इसे बालिका सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
