
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता की रिपोर्ट
कुशीनगर। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के प्रस्तावित नियमों के विरोध में मंगलवार को जनपद मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र दत्त तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग रविन्द्र नगर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि UGC के नए नियम शिक्षा व्यवस्था में समानता और मेरिट की अवधारणा को कमजोर करते हैं तथा सामान्य वर्ग विशेषकर ब्राह्मण समाज के छात्रों को हाशिये पर धकेलने का कार्य कर रहे हैं। संगठन के नेताओं ने कहा कि यह नीति शिक्षा सुधार के नाम पर सामाजिक असंतुलन पैदा करने वाली है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते हुए जिलाध्यक्ष जितेंद्र दत्त तिवारी ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही UGC के इन निर्णयों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल ब्राह्मण समाज का नहीं, बल्कि देश के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा मुद्दा है।
प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने कहा कि लगातार फीस वृद्धि, जटिल प्रवेश प्रक्रिया और मेरिट की अनदेखी से मध्यमवर्गीय एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे नियम समाज में असंतोष और भेदभाव को बढ़ावा देंगे। संगठन ने मांग की कि शिक्षा नीति को सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर पुनः संशोधित किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन तक भेजने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और UGC ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दे दिया है कि UGC के नियमों को लेकर जनपद में असंतोष गहराता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और व्यापक रूप ले सकता है।


