
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर | विशेष संवाददाता
जनपद कुशीनगर में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुदही में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने जहां एक ओर स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मचा दिया, वहीं दूसरी ओर इस निरीक्षण की औपचारिकता और चयनात्मक सख्ती को लेकर आम जनमानस में तीखी चर्चा और कटाक्ष शुरू हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीएमओ ने अचानक सीएचसी दुदही का निरीक्षण किया। इस दौरान उपस्थिति पंजिका (रजिस्टर) की जांच में दो स्टाफ नर्स सहित कुल 10 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सीएमओ ने सभी अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। साथ ही सीएचसी प्रभारी को भी कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए जमकर फटकार लगाई। इस कार्रवाई के बाद पूरे स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालांकि, सीएमओ की यह सख्ती यहीं तक सीमित रह गई। स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि यह निरीक्षण कार्रवाई कम और औपचारिकता ज्यादा प्रतीत हुआ। आरोप है कि सीएमओ साहब बंद गाड़ी से सीधे अस्पताल परिसर में दाखिल हुए, कर्मचारियों की हाजिरी देखी, नोटिस थमाया और बिना जमीनी हालात पर नजर डाले वापस लौट गए।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या सीएचसी की हालत सुधारने के लिए सिर्फ कर्मचारियों की उपस्थिति ही जिम्मेदार है? यदि सीएमओ एक नजर भी सीएचसी दुदही के कम्पाउंड, बाउंड्री वॉल और आसपास के माहौल पर डालते, तो अस्पताल की बदहाली साफ दिखाई देती। परिसर में फैली झाड़-झंखाड़, गंदगी के ढेर, टूटती बाउंड्री और साफ-सफाई का अभाव किसी से छिपा नहीं है। मरीजों को इन्हीं अव्यवस्थाओं के बीच इलाज कराना पड़ता है, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन अक्सर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, जबकि बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और सिस्टम की खामियां नजरअंदाज कर दी जाती हैं। सवाल यह भी है कि जब अस्पताल परिसर गंदगी से पटे हों, तो उसकी जवाबदेही किसकी है? क्या इसके लिए भी कभी किसी अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा?
सीएमओ की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य कर्मियों में जरूर भय का माहौल बना है, लेकिन जनता अब यह जानना चाहती है कि क्या प्रशासन की सख्ती केवल नोटिस तक सीमित रहेगी, या अस्पतालों की बदहाली, सफाई व्यवस्था और मरीजों की सुविधाओं पर भी उतनी ही कड़क कार्रवाई देखने को मिलेगी? फिलहाल सीएचसी दुदही का यह निरीक्षण पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर गया है।
