

30 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के सचिव प्रभात सिंह ने गुरुवार को वन स्टॉप सेंटर (सखी) का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण पूरी तरह प्रशासनिक गंभीरता के साथ किया गया, जिसमें केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, सेवाओं की गुणवत्ता एवं पीड़िताओं के प्रति संवेदनशीलता को परखा गया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र में कुल चार पीड़िताएं उपस्थित पाई गईं, जिनमें तीन बालिग एवं एक नाबालिग शामिल थीं। सचिव ने प्रत्येक पीड़िता से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी स्थिति, आवश्यकताओं तथा केंद्र द्वारा प्रदान की जा रही सहायता की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। संवाद के दौरान पीड़िताओं ने उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अपनी बात रखी, जिसे सचिव ने गंभीरता से सुना।
सफाई व्यवस्था, आवासीय सुविधा, भोजन, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सीय सहायता एवं परामर्श सेवाओं की मौके पर बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण में सभी मूलभूत व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके बावजूद सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सेवाओं को और अधिक प्रभावी, समयबद्ध एवं संवेदनशील बनाया जाए।
सचिव प्रभात सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि वन स्टॉप सेंटर केवल एक औपचारिक संस्था न होकर संकटग्रस्त महिलाओं के लिए भरोसे का केंद्र है। यहां आने वाली प्रत्येक महिला और बालिका के साथ पूर्ण संवेदनशीलता, सम्मान, गोपनीयता एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के समय केंद्र प्रबंधक रीता यादव, पैरामेडिकल नर्स चन्दा सिंह, महिला आरक्षी शशि उपाध्याय, जिला समन्वयक (हब) नलिन सिंह एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर मुनीश कुशवाहा उपस्थित रहे।
सचिव ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर (सखी) सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य हिंसा, उत्पीड़न एवं संकट से जूझ रही महिलाओं को त्वरित न्याय, संरक्षण, परामर्श एवं विधिक सहायता प्रदान करना है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि यह केंद्र अपने उद्देश्य पर पूरी मजबूती
