

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद में कानून-व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितकारी बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जनपद के विभिन्न थानों में दो वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात उपनिरीक्षकों (उ0नि0) को तत्काल प्रभाव से अन्य थानों में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस कार्रवाई को पुलिस महकमे में लंबे समय से चली आ रही “स्थायी तैनाती” की परंपरा पर करारा प्रहार माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कई थानों में वर्षों से जमे कुछ पुलिसकर्मियों को लेकर लगातार जनशिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में तैनाती से स्थानीय प्रभाव, पक्षपात और कार्यशैली में शिथिलता आ जाती है। इसे गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सूची तैयार कर ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान की और जनहित में उनका स्थानांतरण सुनिश्चित किया।
तबादला सूची में सेवरही, विशुनपुरा, खड्डा, हनुमानगंज, रामकोला, कप्तानगंज, पटहेरवा, हाटा, नेबुआ नौरंगिया सहित कई थानों के उपनिरीक्षकों के नाम शामिल हैं। कुछ को थानों से पुलिस लाइन भेजा गया है तो कई को अन्य संवेदनशील और जिम्मेदार थानों में नई तैनाती दी गई है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि अब कुशीनगर में “कुर्सी से चिपकने” की नीति नहीं चलेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और सेवा शर्तों के अनुरूप की गई है। इसका उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में ताजगी लाना, निष्पक्ष जांच को बढ़ावा देना और जनता का भरोसा मजबूत करना है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि आगे भी यदि कोई पुलिसकर्मी तय अवधि से अधिक एक ही स्थान पर पाया गया, तो उस पर भी यही कार्रवाई होगी।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इससे थानों में कार्यसंस्कृति में सुधार, दलाली पर अंकुश और आम जनता की सुनवाई बेहतर होगी। कुल मिलाकर, कुशीनगर पुलिस प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि यह संदेश भी है कि कानून से ऊपर कोई नहीं और जनहित सर्वोपरि है।
