

वर्ष 2026–27 में जनपद कुशीनगर को हरित बनाने की बड़ी तैयारी, लापरवाही पर तीन दिन का अल्टीमेटम
05 फरवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
जनपद कुशीनगर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब पर्यावरणीय लक्ष्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में वृक्षारोपण महाअभियान–2025 के तहत 09 जुलाई 2025 को एक ही दिन में रोपित किए गए 39,72,500 पौधों की गहन समीक्षा की गई। इसमें वन विभाग द्वारा 10,49,600 तथा अन्य 23 विभागों द्वारा 29,22,900 पौधे लगाए गए थे। समीक्षा के दौरान पौधों की देखरेख, सुरक्षा, जीवितता और जिओ-टैगिंग की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। राजस्व विभाग द्वारा जिओ-टैगिंग कार्य अधूरा पाए जाने पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन दिवस के भीतर शत-प्रतिशत जिओ-टैगिंग पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के पत्र दिनांक 27 जनवरी 2026 के अनुपालन में वर्ष 2026–27 हेतु जनपद को आवंटित 39,29,187 पौधों के लक्ष्य की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार विभागवार लक्ष्य तय कर दिए गए हैं, जिसमें वन विभाग को 14 लाख तथा अन्य 23 विभागों को 25,29,187 पौधों के रोपण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीडीओ ने सभी विभागों को तत्काल स्थल चयन, सूची तैयार करने एवं निर्धारित प्रारूप में कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
इसके अतिरिक्त बैठक में छोटी नदियों व सहायक नदियों के पुनरोद्धार, गंगा ग्राम सेवा समिति गठन, वेटलैंड चिन्हांकन, नालों की टैपिंग, ग्रीन चौपाल संचालन, जैव विविधता समिति गठन तथा बायोडायवर्सिटी रजिस्टर निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
सीडीओ ने दो टूक कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का विषय है। लक्ष्य पूरा करने में लापरवाही पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में डीएफओ वरुण सिंह, उप कृषि निदेशक सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

