
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाले मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल होने और अपने पदकीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति गंभीर शिथिलता बरतने के आरोप में थाना तरयासुजान में तैनात उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) अरविंद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल ऑडियो में उपनिरीक्षक की कथित बातचीत विभागीय मर्यादा, आचरण नियमों और अनुशासन के विपरीत पाई गई। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक कुशीनगर ने पूरे प्रकरण की प्रारंभिक जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया उपनिरीक्षक द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, गैर-जिम्मेदाराना रवैया और विभाग की साख को ठेस पहुंचाने की पुष्टि हुई।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ने पीएनओ नंबर 892321623 के अंतर्गत जारी आदेश में स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेश के तहत उपनिरीक्षक अरविंद कुमार (थाना तरयासुजान) को निलंबित करते हुए उन्हें पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्षता से जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया के इस दौर में पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। एक छोटी सी चूक न केवल विभागीय छवि को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आमजन के विश्वास पर भी असर डालती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और गैर-पेशेवर आचरण पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, आम नागरिकों ने प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कदमों से कानून व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है।
फिलहाल, निलंबित उपनिरीक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कठोर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही
