
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
विशेष संवाददाता की रिपोर्ट
कुशीनगर। जनपद में अपराधियों के खिलाफ छेड़ी गई निर्णायक मुहिम अब रंग लाने लगी है। विशुनपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार, 06 अप्रैल 2026 को पुलिस ने ऐसा प्रहार किया कि अपराधियों के हौसले पस्त होते साफ नजर आए। लंबे समय से कानून को चुनौती दे रहा वांछित अभियुक्त आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। इतना ही नहीं, इस कार्रवाई में दो विधि के विरुद्ध बालकों को भी अभिरक्षा में लेकर पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब अपराध की कोई उम्र नहीं — और न ही कोई बचाव।
थाना विशुनपुरा में दर्ज मु0अ0सं0 78/2026 (धारा 331/305/352/317(2) बीएनएस) से जुड़े मामले में फरार चल रहा आरोपी प्रिन्स पुत्र नन्दलाल, निवासी जंगल लुअहटहा, आखिरकार पुलिस की पकड़ से बच नहीं सका। सूत्रों की मानें तो यह गिरफ्तारी केवल एक आरोपी की पकड़ नहीं, बल्कि पूरे अपराधी नेटवर्क के लिए एक सख्त संदेश है — “अब बचना नामुमकिन है।”
कार्रवाई के दौरान दो नाबालिग बाल अपचारियों को भी हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ जारी है। पुलिस उनके जरिए मामले की गहराई तक पहुंचने की तैयारी में है। साफ है कि यह केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा ने किया। उनके साथ वरिष्ठ उपनिरीक्षक संतोष सिंह, उपनिरीक्षक सौरभ गिरी, हेड कांस्टेबल बैष्णो सिंह और कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार यादव की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम की सतर्कता और रणनीति ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो अपराधियों के छिपने की कोई जगह नहीं बचती।
थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी— “जनपद में कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अभियान जारी रहेगा और हर अपराधी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।”
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हैं। जहां आमजन ने राहत की सांस ली है, वहीं अपराधियों के बीच खौफ का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। अब सवाल यह है — क्या बाकी अपराधी खुद सामने आएंगे, या फिर इसी तरह एक-एक कर कानून के शिकंजे में जकड़े जाएंगे?
