


विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विषेश संवाददाता की रिपोर्ट
कुशीनगर जिले के दुदही ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय गौरी जगदीश से एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में विद्यालय के दो छोटे-छोटे मासूम छात्र हाथों में कचरे से भरी टोकरी उठाकर उसे फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य न केवल बाल अधिकारों का उल्लंघन दर्शाता है, बल्कि स्कूल प्रबंधन की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है।
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने इसे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जहां बच्चों को शिक्षा और संस्कार दिए जाने चाहिए, वहां उनसे सफाई कार्य क्यों कराया जा रहा है?
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने तत्काल संज्ञान लिया और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को जांच कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की इस सक्रियता से विभाग में हड़कंप मच गया है।
दुदही की खंड शिक्षा अधिकारी रीता गुप्ता ने बताया कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया, संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को सामने ला दिया है। सवाल यह है कि क्या मासूम बच्चों को पढ़ाई के बजाय ऐसे कामों में लगाना अब आम बात हो गई है? या फिर यह एक बड़ी लापरवाही का सिर्फ एक उदाहरण है?
अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है—क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा?
