कुशीनगर। अंबेडकर जयंती जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण दिन पर जहां प्रशासन द्वारा शराब बिक्री पर सख्त रोक के आदेश जारी किए गए थे, वहीं पडरौना क्षेत्र के जुड़ी चौराहा पर इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आईं। पूरे दिन अवैध शराब की बिक्री जारी रहने के आरोपों ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है।
स्थानीय सूत्रों और वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, शराब की बिक्री न केवल चोरी-छिपे, बल्कि बेखौफ अंदाज में की जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि कबाड़ की दुकानों और बाइक की डिग्गियों को ‘चलती-फिरती शराब दुकान’ बना दिया गया। वीडियो में साफ तौर पर दावा किया जा रहा है कि 80 रुपये में शराब बेची जा रही थी, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध कारोबार किस कदर संगठित और सक्रिय है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पूरे जिले में शराबबंदी का आदेश प्रभावी था, तब इस तरह का खुला खेल आखिर किसकी शह पर चल रहा था? क्या स्थानीय प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ी, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गईं?
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस हरकत में आई और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार बताया जा रहा है। हालांकि, यह कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है—क्या यह सिर्फ दिखावे की कार्रवाई है या वास्तव में अवैध शराब के नेटवर्क पर लगाम कसी जाएगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां जारी हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। अंबेडकर जयंती जैसे दिन पर भी यदि कानून का यह हाल है, तो आम दिनों में स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल, जुड़ी चौराहा की यह घटना ‘शराबबंदी’ के दावों पर एक बड़ा सवालिया निशान बनकर उभरी है।
