
तैनाती अवधि से लेकर मैरिज हाउसों के संचालन तक जांच की मांग, अभिलेख खुलेंगे तो सामने आएगी पूरी तस्वीर
कुशीनगर। फाजिलनगर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमित सिंह की तैनाती और क्षेत्र में संचालित कुछ मैरिज हाउसों को लेकर उठे सवाल अब स्थानीय स्तर से निकलकर मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंच गए हैं। शिकायतकर्ता शेषनाथ जायसवाल ने शपथपत्र के साथ मुख्यमंत्री को शिकायती प्रार्थना पत्र भेजकर ईओ की तैनाती अवधि, स्थानांतरण नीति के अनुपालन तथा मैरिज हाउसों के संचालन से जुड़े अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में उत्तर प्रदेश शासन की स्थानांतरण नीति का हवाला देते हुए सवाल उठाया गया है कि यदि किसी अधिकारी की एक ही जिले में निर्धारित अवधि से अधिक तैनाती हुई है, तो क्या संबंधित मामलों में शासन की स्थानांतरण नीति के प्रावधानों का विधिवत अनुपालन किया गया? शिकायतकर्ता का दावा है कि ईओ अमित सिंह मई 2023 से कुशीनगर जिले में तैनात हैं। ऐसे में उनकी वर्तमान तैनाती और पूर्व पदस्थापन से संबंधित अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
मैरिज हाउसों पर भी गंभीर सवाल
शिकायत का दूसरा प्रमुख बिंदु फाजिलनगर क्षेत्र में संचालित कुछ मैरिज हाउस हैं। शपथपत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रतिष्ठान आवश्यक मानकों और जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्रों के बिना संचालित किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने संबंधित मैरिज हाउसों की अनुमति, स्वीकृति, एनओसी तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच के साथ नगर पंचायत और संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कराने की मांग की है।
अभिलेखों की जांच से साफ होगी तस्वीर
शिकायत में मांग की गई है कि सक्षम स्तर से निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप अभिलेखों से सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों अथवा अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंची शिकायत के बाद संबंधित विभाग कागजी जांच तक सीमित रहता है या अभिलेखों की गहन पड़ताल कर वास्तविक स्थिति सामने लाता है? फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही उनकी वास्तविकता स्पष्ट होगी।
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता।
