
जनपद में 31 लाख लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाने का रखा गया है लक्ष्य
कुशीनगर
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आगामी 10, अगस्त, 2025 से 28, अगस्त तक जनपद में फाइलेरिया हाथी पाँव से बचाव के लिए प्रस्तावित सर्वजन दवा सेवन एम०डी०ए० अभियान हेतु प्रथम जनपद स्तरीय बैठक कल सम्पन्न हुयी थी।
एम०डी०ए० अभियान इस वर्ष जनपद के 11 ब्लाकों (रामकोला, कप्तानगंज, मोतीचक, दुदही, नेबुआ नौरंगिया, खड्डा, कुबेरस्थान, विशुनपुरा, सेवरही, तमकुही एवं अरबन पडरौना) में संचालित किया जायेगा जिसमें आशा कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर आयु वर्ग के अनुसार फाइलेरिया रोधी दवा डी०ई०सी० एवं एलबेन्डाजाल अपने सामने खिलायेगी। इस बार लगभग 31 लाख जनसंख्या को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य है। जिस हेतु कुल-2847 टीमें बनायी गयी है। फाइलेरिया एक मच्छर जनित लाईलाज बीमारी है, जिसकी रोकथाम ही इस बीमारी से एक मात्र बचाव है। लगातार 5 वर्षों तक साल भर में एक बार दवा खाने से स्वस्थ व्यक्ति में फाइलेरिया होने की सम्भावना खत्म हो जाती है। (गर्भवती माताओं व एक साल से कम उम्र के बच्चों एवं गम्भीर रुप से बीमार लोगों को यह दवा नही-खिलायी जायेगी।
इस हेतु आशा कार्यकत्रियों को ब्लाक के प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं बी०सी०पी०एम० द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। दवा सेवन के बाद चक्कर आना, जी मिचलाना जैसी समस्या हो सकती है, लेकिन यह चिन्ता का विषय नहीं है, जिसके शरीर में माइको फाइलेरिया के कृमि होते है जब यह व्यक्ति फाइलेरिया रोधी दवा खाते है तो इस कृमियों के मरने के कारण यह लक्षण दिखायी देते है। एम०डी०ए० अभियान में सहयोगी विभाग के रुप में बेसिक शिक्षा विभाग माध्यमिक शिक्षा विभाग, ग्राम्य विकास पंचायतीराज विभाग, उत्तर प्रदेश आजिविका मिशन, बाल विकास पुष्टाहार विभाग आई०सी०डी०एस०, खाद्य एवं रसद विभाग, एन०एस०एस० एन०सी०सी० भारत स्काउड एवं गाईड सूचना विभाग, नगर विकास विभाग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अपना सहयोग प्रदान करेगें। (फाइलेरिया रोधी दवा खाते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह दवा खाली पेट नही खानी है।
इस वर्ष लक्षित आबादी को शत-प्रतिशत फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराना हमारा मुख्य लक्ष्य है ताकि भारत सरकार द्वारा घोषित वर्ष-2027 तक फाइलेरिया उन्नमूलन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकें।
