
कुशीनगर के डाक बंगला परिसर में व्यापारियों और किसानों की बैठक में खाद की कमी और मूल्य वृद्धि के मुद्दों पर चर्चा हुई और समाधान के लिए रणनीति बनाई गई।
किसानों ने बैठक में कहा कि जनपद और पडरौना ब्लॉक की समितियों पर खाद की किल्लत है। सरकार से जल्द समाधान की मांग की, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी और जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
हर रवि सीजन में समितियों से खाद गायब हो जाता है, यह घटना बार-बार दोहराई जाती है। बावजूद इसके सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
किसानों ने कहा कि कृषि मंत्री खुद किसान होते हुए भी उनकी तकलीफों को नहीं समझते। उन्होंने कहा कि जब तक मंत्री खुद खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़े नहीं होंगे, तब तक उन्हें किसानों की परेशानी का एहसास नहीं होगा। किसानों ने सरकार से खाद की किल्लत जल्द दूर करने की गुहार लगाई है।
बैठक में भारतीय उद्योग एकीकरण व्यापार मंडल पडरौना के नगर उपाध्यक्ष मनोज मोदनवाल, दिलीप सिंह, सुशील सिंह, कुबेर गुप्ता, विनोद शर्मा, गेंदा सिंह, गोरख पटेल, सुदामा सिंह, विजय बहादुर, पप्पू मिश्रा, नाजिर अंसारी, राजेश्वर पाठक सहित कई किसान मौजूद रहे। सभी ने खाद की कमी की समस्या पर चर्चा की और सरकार से जल्द समाधान की मांग की। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सभी किसान और व्यापारी एकजुट होकर इस मुद्दे पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
