जनपद कुशीनगर सांस्कृतिक धरोहरों को संजोए हुए है। यहां का सांस्कृतिक इतिहास मुख्य रूप से भगवान बुद्ध से जुड़ा है। कुशीनगर प्राचीन काल में मल्ल गणराज्य की राजधानी थी, जहां भगवान बुद्ध ने महानिर्वाण प्राप्त किया था। यह धरा जैनियों, वैष्णव शिव, शक्तिपीठ आदि के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है, जिसमें प्रवाहित गंडक नदी के तट पर बैठकर हिमालय के तराई के निकट ऋषि एवं महर्षि प्राचीन काल मे ध्यान केन्द्रित करते थे।

तहसील कसया अन्तर्गत स्थित रामाभार स्तूप/भगवान स्तूप, बुद्ध महापरिनिर्वाण स्थली से होकर हिण्यवती नदी प्रवाहित होती है जिसका बौद्ध धर्मावलम्बी के लिए ऐतिहासिक महत्व है। बौद्ध अनुयायी इसके जल को पवित्र मानते है एवं इस नदी के समक्ष खड़े होकर प्रार्थना करते है। परन्तु अनेक प्रयासों के बावजूद बौद्धों की पवित्र गंगा ‘हिरण्यवती नदी जल कुम्भी से पटी हुई है। जिसके क्रम में नदी की स्वच्छता एवं जल प्रवाह बनाए रखने के लिए हिरण्यवती नदी जीर्णोद्धार टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने गठित टास्क फोर्स का अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) को नामित किए हैं, इसी प्रकार उपजिलाधिकारी, कसया,अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग,अधिशासी अभियंता, बाढ़ खण्ड,उपायुक्त मनरेगा, जिला पंचायतीराज अधिकारी, तहसीलदार कसया, अधिशासी अधिकारी, न०पा०प० कुशीनगर, क्षेत्रीय वनाधिकारी (रेंजर), कसया, खण्ड विकास अधिकारी, कसया / रामकोला को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
जिलाधिकारी ने हिरण्यवती नदी जीर्णोद्धार हेतु टास्क फोर्स के कार्य एवं दायित्व निर्धारण भी किया है जिसके अंतर्गत-हिरण्यवती नदी से जुड़े विभिन्न गुलों का चिन्हांकन एवं वाधाओं का निराकरणः-टास्क फोर्स द्वारा हिरण्यवती के जुड़ने वाले विभिन्न गुलों का चिन्हांकन अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, कुशीनगर एवं अधिशासी अभियंता, बाढ़ खण्ड, द्वारा किया जायेगा। इस प्रकार के सर्वेक्षण में सम्बन्धित हल्का लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक इनके साथ होंगे एवं सर्वेक्षण में सहयोग करेगें। गुलों के चिन्हांकन के बाद हिरण्यवती नदी से इनके जुड़ाव में आ रही वाधाओं को सूचीवद्ध करते हुए इनका निराकरण सक्षम स्तर से कराये जाने हेतु त्वरित कार्यवाही की जायेगी। सर्वेक्षण रिपोर्ट विषयक आंकड़ो का संग्रहण / एकत्रण अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, द्वारा किया जायेगा तथा इस सन्दर्भ में रंगभेदी नक्शा प्रस्तुतीकरण / पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन अधिशासी अभियंता, बाढ़ खण्ड, द्वारा किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि टास्क फोर्स अपने प्रभाव में आने के एक सप्ताह के अन्दर विभिन्न गूलों के चिन्हांकन कर एवं उनके नदी से जुड़ाव में आ रही बाधाओं के बारे में अधोहस्ताक्षरी को अवगत करायेगी।
इसी प्रकार हिरण्यवती नदी की साफ-सफाई के संबंध में श्रम लागत की रूपरेखा उपायुक्त मनरेगा, द्वारा तैयार की जायेगी। साफ-सफाई की कार्य योजना जिला पंचायतीराज अधिकारी,एवं अधिशासी अधिकारी, न०पा०प० कुशीनगर द्वारा तैयार की जायेगी। श्रम लागत घटक के अन्तर्गत नदी तट की साफ-सफाई हेतु श्रमिकों की आवश्यकता, उपलब्धता एवं वैकल्पिक व्यवस्था की गणना की जानी है। नदी चैनल की साफ-सफाई हेतु संसाधनों को उनकी आवश्यकता, उपलब्धता / वैकल्पिक व्यवस्था के आधार पर आकलित किया जायेगा। इस प्रकार सम्पूर्ण कार्य योजना बनाते हुए उसका क्रियान्वयन किया जायेगा।
कार्य योजना के समयवद्ध क्रियान्वयन हेतु पर्यवेक्षणीय टीम का गठन भी किया जायेगा। कार्य योजना के निर्माण हेतु उपायुक्त मनरेगा, अधिशासी अधिकारी, न०पा०प० कुशीनगर एवं जिला पंचायतीराज अधिकारी, संयुक्त रूप से उप नोडल अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता, बाढ़ खण्ड, नोडल अधिकारी होगें।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि टास्क फोर्स अपने प्रभाव में आने के 15 दिवस के अन्दर साफ-सफाई विषयक कार्य योजना के सन्दर्भ में अधोहस्ताक्षरी को अवगत करायेगी।
हिरण्यवती तट का वृक्षारोपड़ के संबंध में निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में बुद्धाघाट से कुशीनगर-देवरिया रोड की तरफ नदी के दाहिनें तट पर लगभग 500 मीटर में मियांवाकी पद्धति से वनीकरण हुआ है जिसे पैच के रूप में आगे बढ़ाये जाने की आवश्यकता प्रतीत होती है। नदी तट के दोनो ओर वृक्षा रोपड़ की कार्य योजना क्षेत्रीय वनाधिकारी, कसया द्वारा तैयार की जायेगी एवं इस हेतु आवश्यक संसाधनों को आवश्यकता, उपलब्धता एवं वैकल्पिक व्यवस्था को सूचीवद्ध किया जायेगा। कार्य योजना के त्वरित कियान्वयन हेतु क्षेत्रीय वनाधिकारी द्वारा टाईम लाईन निर्धारित किया जायेगा। कार्य योजना के क्रियान्वयन के पर्यवेक्षण का दायित्व अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित अधिशासी अधिकारी, न०पा०प० कुशीनगर एवं खण्ड विकास अधिकारी होगा।
हिरण्यवती नदी की साफ-सफाई विषयक कार्य योजना के कियान्वयन हेतु टास्क फोर्स पाक्षिक रूप से कियान्वयन हेतु गठित पर्यवेक्षणीय टीम के साथ बैठक करते हुए साफ-सफाई कार्य योजना के प्रगति की समीक्षा करेगी। समीक्षा बैठक हेतु अद्यतन सूचनाओं का संकलन एवं प्रस्तुतीकरण हेतु अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, नोडल अधिकारी होगें। टास्क फोर्स कार्य योजना कियान्वयन में आ रही वाधाओं का सक्षम स्तर से निराकरण करायेगी एवं क्रियान्वयन की प्रगति से पाक्षिक रूप से जिलाधिकारी, को अवगत करायेगी।
