

तमकुही राज कुशीनगर से सुरेन्द्र कुमार रौनियार की खास रिपोर्ट
कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बड़हरा बुजुर्ग स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार की सुबह उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान रूपही टांड़, बिहार निवासी शबनम खातून (पत्नी – इम्तियाज अंसारी) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।जानकारी के अनुसार, शबनम खातून को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। सुबह करीब 9 बजे महिला ने सामान्य प्रसव से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद शुरुआती तौर पर सब कुछ सामान्य बताया गया और परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन डिलीवरी के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
परिजनों का कहना है कि महिला की हालत खराब होती देख भी डॉक्टरों ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन व अन्य आवश्यक सुविधा मौजूद होने के बावजूद स्टाफ ने सही ढंग से ध्यान नहीं दिया। इसी लापरवाही के चलते उनकी बेटी, बहन और पत्नी की जान चली गई।
वहीं दूसरी ओर अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि महिला को सुबह ही गंभीर स्थिति देखते हुए रेफर कर दिया गया था। लेकिन परिजनों ने अस्पताल छोड़ने से इनकार कर दिया और वहीं पर इलाज जारी रखने की जिद करते रहे। डॉक्टरों का कहना है कि जब महिला की स्थिति और गंभीर हुई तो उसे दोबारा रेफर किया गया। हालांकि, परिजन महिला को लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अगर समय रहते सही उपचार दिया जाता तो शबनम की जान बचाई जा सकती थी। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की भी कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों और पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति काबू में आ सकी।घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना था कि निजी अस्पतालों में आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि ऐसे अस्पतालों में सुविधा के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और होती है। मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जाता है।
सूचना मिलते ही विशुनपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित भीड़ को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच की जाएगी और अगर चिकित्सकों की लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण अंचलों में निजी अस्पतालों का बोलबाला है, जहां अक्सर बिना पर्याप्त सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों के इलाज किया जाता है। गरीब और साधनहीन परिवार अक्सर मजबूरी में ऐसे अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं और कई बार इसकी कीमत जान गंवाकर चुकानी पड़ती है।शबनम खातून की मौत से उसके परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ घर में नवजात की किलकारी है, तो दूसरी ओर मां की मौत का गहरा सन्नाटा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के पति इम्तियाज अंसारी ने कहा कि उन्होंने भरोसा करके अस्पताल में पत्नी को भर्ती कराया था, लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही ने उनकी जिंदगी उजाड़ दी।जिले का स्वास्थ्य विभाग अब जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट कर पाएगा। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की वास्तविक पुष्टि हो सकेगी। वहीं दूसरी ओर प्रशासन पर यह दबाव भी बढ़ गया है कि निजी अस्पतालों पर नियंत्रण रखा जाए और बिना रजिस्ट्रेशन अथवा मानक सुविधा वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
कुशीनगर में हुई यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी एक बड़ा सवाल है। एक ओर परिजन अस्पताल को दोषी ठहरा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन अपनी सफाई दे रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
