

कुशीनगर से बड़ी खबर
जनपद कुशीनगर के विशुनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसगाँव जुबा टोला से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक ने कथित रूप से पुलिसकर्मियों की धमकी से क्षुब्ध होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गाँव में मातम छा गया है और स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।
मृतक युवक की नाबालिग बहन के अपहरण के मामले में तीन पुलिसकर्मी बीते दिन मृतक के घर पहुँचे थे। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान तीनों पुलिसकर्मियों ने युवक को बुरी तरह धमकाया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। धमकी से आहत युवक ने देर रात फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी अपहरणकर्ता को पकड़े जाने के बावजूद पुलिस ने उसे थाने से छोड़ दिया था। इसके चलते परिवार को न्याय नहीं मिल सका और ऊपर से युवक को पुलिसकर्मियों की धमकी ने इतना आहत कर दिया कि उसने आत्महत्या का रास्ता चुन लिया।
मृतक के परिजनों का कहना है कि यह पूरा मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण गाँव का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। गाँव के लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश है। परिजनों के साथ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर मामले को दबाने और दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
घटना के बाद मृतक के घर पर कोहराम मचा हुआ है। परिवार के लोग न्याय की गुहार लगाते हुए बार-बार यही मांग कर रहे हैं कि संबंधित तीनों पुलिसकर्मियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक परिवार को इंसाफ नहीं मिलेगा।
स्थानीय सूत्रों की मानें तो मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल गाँव में तैनात कर दिया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके। पुलिस अधिकारी लगातार गाँव में डेरा डाले हुए हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
वहीं, इस घटना के बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएँ भी शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी अगर निष्पक्षता से कार्यवाही करते और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाते तो शायद युवक को आत्महत्या जैसे कदम उठाने की नौबत न आती।
फिलहाल, परिजनों ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का भी साफ कहना है कि अगर दोषियों को बचाने की कोशिश की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
यह पूरा मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ओर जहाँ पुलिस कानून और व्यवस्था बनाए रखने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर उसी पर आरोप लग रहे हैं कि उनकी धमकी से एक मासूम युवक ने अपनी जान गंवा दी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
