
कुशीनगर। आजादी के 78 वर्ष पूरे हो जाने के बाद भी जनपद कुशीनगर के विकास खंड दुदही क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा अमही गांव विकास कार्यों से कोसों दूर है। गांव की स्थिति इतनी बदतर है कि यहां पहुंचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही नालियों की व्यवस्था। इससे ग्रामीणों को आए दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
भारी आबादी वाला यह गांव बरसात के दिनों में और भी संकटग्रस्त हो जाता है। मुख्य मार्ग आज तक केवल मिट्टी की सड़क के रूप में ही मौजूद है। बारिश का पानी भर जाने से रास्ते दलदल में बदल जाते हैं और सैकड़ों परिवारों का आना-जाना पूरी तरह से ठप हो जाता है।
ग्रामीण सबीना खातून, सिला देवी, मीना देवी, विद्यावती देवी, आयातुन खातून, श्रेया खातून, नजमा खातून आदि ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं, लेकिन गांव की वास्तविक समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर केवल कागजों पर काम दिखाया जाता है जबकि जमीन पर गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर और बढ़ता जा रहा है कि सरकार की योजनाएं गांव तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
इस संबंध में ग्राम सचिव रवि शंकर जायसवाल ने बताया कि यदि गांव में वास्तव में ऐसी समस्या है तो आने वाले एक-दो दिन में मौके का निरीक्षण किया जाएगा और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की सड़क और नालियों का निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में उन्हें राहत मिल सके और गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
