
कुशीनगर, 01 अक्टूबर।
जनपद कुशीनगर में पंचायत सहायकों का मानदेय भुगतान लंबे समय से लंबित रहने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कुशीनगर द्वारा 15 ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सहायक विकास अधिकारी (पं०) से मिली सूचना पर पाया गया कि पंचायत सहायकों का मानदेय समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही पर डीपीआरओ ने 22 सितंबर 2025 को ही पत्र जारी कर संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों एवं सहायक विकास अधिकारियों का माह सितम्बर का वेतन बाधित कर दिया था तथा निर्देशित किया था कि पंचायत सहायकों का लम्बित मानदेय तत्काल अदा कर अवगत कराएं। इसके बावजूद कई पंचायतों में भुगतान अब तक नहीं हुआ है।
सबसे गंभीर स्थिति विकासखंड तमकुही के ग्राम पंचायत तीर्मासाहून की है, जहां नियुक्ति से लेकर अगस्त 2025 तक यानी पूरे 27 माह का मानदेय बकाया है। इसी प्रकार तमकुही के गगलवा में 8 माह, गड़हीया पाठक में 20 माह, तरैया सुकांठ में 10 माह, सेवरही के बावरिया में 9 माह, पर्सा सिरसिया में 8 माह, धूम पट्टी में 8 माह, कप्तानगंज के हरपुर मझागर और तवककलपुर में 13-13 माह, सुकरौली के महूई में 12 माह, नेबुआ नौरंगिया के बेलवा, हरपुर माफी और कठिनाइया में 12-12 माह, बसंतपुर में 8 माह तथा पडरौना के बंगाली पट्टी में 8 माह का मानदेय अभी तक भुगतान नहीं किया गया है।
जिलाधिकारी ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि ग्राम प्रधानों द्वारा उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ)(।।) में वर्णित दायित्वों एवं शासकीय कर्तव्यों का पालन नहीं किया जा रहा है तथा अधिनियम की धारा 95(1)(छ)(।।।) के अनुसार निरंतर चूक की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है और शासन की मंशा के विपरीत है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लंबित मानदेय भुगतान न करने के कारणों का लिखित स्पष्टीकरण पत्र नोटिस प्राप्ति के सात दिन के भीतर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया अथवा उत्तर असंतोषजनक पाया गया तो संबंधित ग्राम प्रधानों के विरुद्ध अधिनियम की धारा 95(1)(छ) के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।
इस कार्रवाई से पंचायत सहायकों में उम्मीद जगी है कि अब उनका महीनों से रुका हुआ मानदेय शीघ्र मिलेगा। वहीं, ग्राम पंचायतों में भी हलचल मच गई है क्योंकि मामला सीधे जिलाधिकारी स्तर से गंभीरता से लिया जा रहा है।
