

कुशीनगर। लोक आस्था के महापर्व छठ से ठीक पहले हाटा क्षेत्र के सिघना गांव में बड़ा बवाल खड़ा हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाटा नगर पालिका की जेसीबी मशीन से परंपरागत छठ वेदियां तोड़ दी गईं। इस घटना से गांव में उबाल आ गया और देखते ही देखते भारी भीड़ मौके पर जुट गई।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इसी स्थान पर छठ महापर्व का आयोजन होता रहा है, महिलाएं यहीं वेदियां बनाकर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। लेकिन नगर पालिका प्रशासन ने अचानक जेसीबी भेजकर इन धार्मिक स्थलों को ध्वस्त कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने इसे आस्था पर कुठाराघात बताया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
तनाव बढ़ने पर पुलिस बल और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। भीड़ को शांत कराने की कोशिशें हुईं, लेकिन ग्रामीण लगातार कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
वहीं, नगर पालिका ने इस प्रकरण से खुद को अलग बताते हुए कहा कि वेदियां सरकारी भूमि पर बनाई जा रही थीं, जहां स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है। लेकिन ग्रामीणों ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि यह स्थान पीढ़ियों से छठ महापर्व के लिए सुरक्षित रहा है और कभी भी किसी प्रशासन ने आपत्ति नहीं की।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। हालांकि, घटना ने पूरे हाटा क्षेत्र में “आस्था बनाम प्रशासन” की जंग छेड़ दी है।
