

कुशीनगर जनपद के कसया थाना क्षेत्र अंतर्गत भरौली गाँव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पोखरे में नहाने गए एक युवक के डूबने की सूचना सामने आई। डूबे युवक की पहचान रवीन्द्र कनौजिया पुत्र स्व. रामनाथ, निवासी भरौली, के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक पोखरे में नहाने गया था, इसी दौरान गहरे पानी में जाने से वह बाहर नहीं निकल सका। घटना की जानकारी फैलते ही पूरे गाँव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए और बचाव कार्य शुरू करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
सबसे बड़ी लापरवाही उस समय देखने को मिली जब घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई, बावजूद इसके दो घंटे से अधिक समय तक न तो गोताखोर घटनास्थल पर पहुँचे और न ही राहत कार्य तेज़ हुआ। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग लगातार पुलिस-प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
गाँव वालों का कहना है कि यदि समय रहते रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँच जाती, तो शायद युवक को बचाया जा सकता था। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती और लापरवाही के कारण अब स्थिति गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय थाना घटनास्थल से महज़ कुछ किलोमीटर दूर होने के बावजूद तुरंत सक्रिय नहीं हुआ और घटना के घंटों बाद तक अधिकारी मौके पर नज़र नहीं आए।
इस बीच, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ करने की गुहार लगा रहे हैं। वहीं, ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तत्काल गोताखोर बुलाकर शव की तलाश कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
फिलहाल घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है और हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन की लापरवाही की कीमत आम जनता को कब तक चुकानी पड़ेगी।
