
भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक साझेदारी को नई गति देने के उद्देश्य से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर इन दिनों भारत दौरे पर हैं। इस दौरे को केवल एक व्यापारिक यात्रा नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों के नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
स्टार्मर के साथ 100 से अधिक ब्रिटिश व्यापारिक नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, जिनमें बीपी, रोल्स-रॉयस, बार्कलेज, यूनिलीवर जैसी दिग्गज कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। उनका लक्ष्य है—भारत में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना।
जानकारों के अनुसार, यह यात्रा लंदन और नई दिल्ली के बीच अधूरे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को गति दे सकती है। लंबे समय से अटके इस समझौते पर अब नए सिरे से सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है।
इस दौरे की खास बात यह भी है कि स्टार्मर की प्राथमिकता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। उन्होंने शिक्षा, रक्षा, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की मंशा जताई है। विशेषकर ग्रीन एनर्जी और क्लीन टेक्नोलॉजी में सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच ठोस पहल की उम्मीद जताई जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा भारत-यूके संबंधों को “व्यापारिक मित्रता से रणनीतिक साझेदारी” की दिशा में आगे ले जा सकती है। आने वाले समय में यह दोनों देशों के लिए आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
