
कुशीनगर, 10 अक्टूबर।
जनपद कुशीनगर में न्याय के त्वरित और सुलभ समाधान की दिशा में एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के निर्देशन में आगामी 13 दिसंबर 2025 (शनिवार) को जिले की समस्त न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर ऐसे सभी मुकदमों और प्रकरणों का निस्तारण आपसी सुलह और समझौते के आधार पर किया जाएगा, जो न्यायालयों में लंबित हैं या जिन पर मुकदमेबाजी शुरू होने से पहले समझौते की संभावना बनी हुई है।
अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को सरल, सुलभ और त्वरित बनाना है। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहाँ विवादों का समाधान बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के, आपसी सहमति से किया जा सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक, विद्युत विभाग, राजस्व, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, श्रम, वैवाहिक विवाद और भूमि संबंधी मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन सभी श्रेणियों के मामलों को सूचीबद्ध कर, आपसी सहमति के माध्यम से निपटाया जाएगा, जिससे पक्षकारों को राहत मिल सके।
सचिव श्री त्रिपाठी ने आमजन से अपील की है कि जिनके मुकदमे न्यायालयों में विचाराधीन हैं, वे अपने अधिवक्ताओं से संपर्क कर अपने मामलों को लोक अदालत में शामिल कराने हेतु आवेदन करें। इससे वे समय, धन और मानसिक तनाव से बच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत का वातावरण पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण और सहयोगी होगा, जहाँ न तो कोई हारता है और न कोई जीतता — बल्कि दोनों पक्ष आपसी समझ से विवाद का समाधान करते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोक अदालत में समझौते के आधार पर किए गए निस्तारण को न्यायालय का आदेश माना जाएगा, जो दोनों पक्षों के लिए अंतिम और बाध्यकारी होगा।
इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि कुशीनगर जनपद में बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निस्तारण होगा और आमजन को न्याय के प्रति भरोसा और मजबूत होगा।
