
नेबुआ नौरंगिया (कुशीनगर)। विकास खंड परिसर में स्थित बीडीओ आवास को मरम्मत के नाम पर बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। यह कार्रवाई बिना किसी स्वीकृति और नीलीामी प्रक्रिया के किए जाने से पूरे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। डीएम कुशीनगर महेंद्र सिंह तोमर ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट विकास विभाग से तलब की है, वहीं जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने संबंधित बीडीओ पर कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, नेबुआ नौरंगिया विकासखंड परिसर में स्थित खंड विकास अधिकारी के सरकारी आवास को मरम्मत के नाम पर पूरी तरह से बुलडोजर से गिरा दिया गया। इस पर बीडीओ ने दावा किया कि उनके अनुमोदन या जानकारी के बिना यह ध्वस्तीकरण कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने जिला प्रशासन को भेज दी है।
मामले के प्रकाश में आने पर जिला विकास अधिकारी अरुण पांडेय ने तत्काल बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और स्थल निरीक्षण भी किया। तय समय सीमा में जवाब न मिलने पर 15 दिन बाद रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस बीच, विवादित भवन का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है और छत डालने की तैयारी तक पहुँच चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, डीएम महेंद्र सिंह तोमर ने खबर का संज्ञान लेते हुए विकास विभाग से पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। जिला विकास अधिकारी ने बताया कि डीएम के निर्देश पर रिपोर्ट तैयार कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला गंभीर लापरवाही और प्रक्रिया उल्लंघन से जुड़ा है। बिना नीलीामी या विभागीय स्वीकृति के सरकारी संपत्ति को ध्वस्त करना नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। डीएम कुशीनगर ने संकेत दिया है कि यदि दोषियों से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला तो कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मरम्मत के नाम पर पूरा भवन गिराने की इतनी जल्दी क्यों थी और किसके निर्देश पर बुलडोजर चला? अब सभी की निगाहें डीएम की कार्रवाई पर टिकी हैं।
