
कुशीनगर। जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रेम कुमार राय ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत दो कुख्यात अपराधियों को जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई उन अभियुक्तों पर की गई है जिनके विरुद्ध कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और जिनकी गतिविधियाँ लगातार लोकशांति एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही थीं।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) द्वारा पारित आदेश के अनुसार, न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को छह माह की अवधि के लिए जनपद कुशीनगर की सीमा से निष्कासित कर दिया है। इसमें पहला अभियुक्त सीपीएन राव पुत्र शेषनाथ निवासी नारायणपुर, थाना कोतवाली हाटा है, जिसे जनपद महराजगंज की सीमा के लिए जिला बदर किया गया है। वहीं, दूसरा अभियुक्त गोपाल दुबे पुत्र अमित उर्फ पिंटू दुबे निवासी सोहनी, थाना कप्तानगंज को भी महराजगंज के लिए जिला बदर किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दोनों अभियुक्तों की आपराधिक गतिविधियाँ लंबे समय से पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई थीं। इन पर चोरी, मारपीट, धमकी, अवैध वसूली और लोकशांति भंग करने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। स्थानीय लोगों ने भी कई बार इनके खिलाफ शिकायतें की थीं, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने यह कठोर कदम उठाया।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रेम कुमार राय ने बताया कि कुशीनगर प्रशासन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिले में किसी भी व्यक्ति को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज में भयमुक्त वातावरण बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा होगी। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि कुशीनगर में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा, और आगे भी ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
👉 कुशीनगर प्रशासन की यह कार्रवाई कानून के शासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
